WB Election Results 2026 : अभिषेक बनर्जी ने मतगणना पर उठाए सवाल, हार के बीच दी पहली प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों में टीएमसी की करारी हार और भाजपा के 200 के आंकड़े को छूने के बीच अभिषेक बनर्जी ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्रों पर टीएमसी एजेंटों को डराया गया और चुनाव आयोग ने एकपक्षीय कार्रवाई की। क्या अभिषेक अब इस हार को अदालत में चुनौती देंगे?

WB Election Results 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 4, 2026

WB Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल में 4 मई 2026 की तारीख एक ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन की गवाह बनी है। राज्य में पिछले 15 वर्षों से जारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन का अंत होता दिख रहा है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता की ओर बढ़ रही है। चुनावी रुझानों में ममता बनर्जी की सरकार की विदाई तय होने के बाद, अब टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री के उत्तराधिकारी माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। अभिषेक बनर्जी ने जहाँ एक ओर जनता के फैसले का सम्मान करने की बात कही, वहीं दूसरी ओर मतगणना की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जनता का फैसला सर्वोपरि: अभिषेक बनर्जी ने स्वीकारी लोकतंत्र की ताकत

चुनावी नतीजों पर अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में अभिषेक बनर्जी ने परिपक्वता दिखाते हुए कहा कि एक सभ्य और लोकतांत्रिक समाज में जनता जो भी फैसला सुनाती है, उसे हर किसी को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनादेश ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है। हालांकि, उनके बयान में हार की निराशा के साथ-साथ वर्तमान चुनावी प्रबंधन के प्रति असंतोष भी साफ झलक रहा था। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी नतीजों का विश्लेषण करेगी, लेकिन फिलहाल उनकी प्राथमिकता मतगणना केंद्रों पर चल रही गतिविधियों पर नजर रखना है।

मतगणना की गति पर संदेह: 2021 के मुकाबले धीमी प्रक्रिया का आरोप

अभिषेक बनर्जी ने मतगणना की रफ्तार को लेकर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार वोटों की गिनती की प्रक्रिया असामान्य रूप से धीमी चल रही है। तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “2021 के विधानसभा चुनाव में लगभग 90% मतगणना साढ़े आठ घंटे के भीतर पूरी हो गई थी। लेकिन इस बार उतने ही समय में केवल 6 से 8 राउंड ही पूरे हो पाए हैं।” अभिषेक के अनुसार, इस देरी के पीछे कोई सोची-समझी रणनीति हो सकती है, जो पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाती है। उन्होंने इसे प्रशासन की विफलता या जानबूझकर की गई देरी बताया।

काउंटिंग एजेंटों को निर्देश: ‘किसी भी हाल में केंद्र न छोड़ें’

रुझानों में पिछड़ने के बावजूद अभिषेक बनर्जी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और काउंटिंग एजेंटों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने सभी से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया और विशेष रूप से तृणमूल के काउंटिंग एजेंटों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में काउंटिंग सेंटर छोड़कर बाहर न आएं। उन्होंने आशंका जताई कि टीएमसी कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर परिणामों में हेरफेर किया जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण केंद्रों पर रुझानों की जानकारी मीडिया को भी नहीं दी जा रही है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

बर्धमान और कल्याणी में अनियमितताओं के आरोप: EVM डेटा पर सवाल

अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में कुछ विशिष्ट सीटों का उदाहरण देते हुए धांधली के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बर्धमान दक्षिण सीट पर तृणमूल कांग्रेस पहले ही जीत हासिल कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वहां प्रशासन द्वारा दोबारा मतगणना (Recounting) की जा रही है, जो समझ से परे है। इसके अलावा, उन्होंने कल्याणी विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कम से कम आठ ऐसी EVM मिली हैं, जहां कंट्रोल यूनिट का डेटा ‘Form 17C’ से मेल नहीं खा रहा है। उन्होंने इन तकनीकी विसंगतियों को आधार बनाकर चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

हार की कगार पर खड़ी टीएमसी का संघर्ष जारी

अभिषेक बनर्जी के ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब राज्य में बीजेपी की सरकार बनना लगभग तय हो चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी अब हार के कारणों को प्रशासनिक खामियों और EVM की गड़बड़ियों की ओर मोड़ रही है। फिलहाल, अभिषेक बनर्जी ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी आखिरी वोट की गिनती तक संघर्ष करेगी। बंगाल की राजनीति अब एक नए मोड़ पर है, जहाँ 15 साल के साम्राज्य के पतन के बाद टीएमसी अब विपक्ष की भूमिका में खुद को तैयार करती नजर आ रही है।

Read More:  Bengal Election Results 2026 : ममता के 14 मंत्रियों को करना पड़ा हार का सामना, बीजेपी की सुनामी में ढहे दिग्गज