Abhishek Banerjee Car Search: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। मतदान से ठीक पहले एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और चुनाव आयोग के बीच टकराव को और तेज कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने एक व्हाट्सएप मैसेज का स्क्रीनशॉट सार्वजनिक करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी की कारों की सघन तलाशी लेने का आदेश दिया है। टीएमसी का दावा है कि यह पूरी कवायद विपक्षी दलों के इशारे पर उन्हें परेशान करने के लिए की जा रही है। इस खुलासे के बाद से ही राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
भाजपा पर बदले की राजनीति का आरोप: हार के डर से केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग?
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को आड़े हाथों लिया है। पार्टी के आधिकारिक बयानों में कहा गया है कि बीजेपी अपनी संभावित हार को देख बौखला गई है और इसीलिए वह अब बदले की राजनीति पर उतर आई है। टीएमसी के अनुसार, जब चुनाव मैदान में मुकाबला करना मुश्किल हो जाता है, तो भाजपा संवैधानिक संस्थाओं और केंद्रीय एजेंसियों का सहारा लेकर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करती है। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देगी। टीएमसी का मानना है कि अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाकर चुनाव प्रचार की गति को धीमा करने की साजिश रची जा रही है।
चुनाव आयोग की प्रशासनिक सख्ती या टारगेटेड एक्शन: जांच के घेरे में नेता और मंत्री
चूंकि राज्य में विधानसभा चुनाव इसी महीने होने हैं, इसलिए कानून-व्यवस्था और प्रशासन की पूरी कमान चुनाव आयोग के हाथों में है। आयोग ने पहले ही स्वतंत्र और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य पुलिस और प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसे लेकर पहले भी काफी बहस हो चुकी है। अब जो कथित व्हाट्सएप मैसेज लीक हुआ है, वह मामले को और पेचीदा बना रहा है। इस चैट में यह दावा किया गया है कि राजनीतिक दल ‘हेल्थ कैंप’ के बहाने अवैध रूप से पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं। इसी इनपुट के आधार पर आयोग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छोड़कर टीएमसी के लगभग सभी बड़े नेताओं और मंत्रियों के वाहनों की चेकिंग का निर्देश दिया है।
मैसेज में अभिषेक और रुजिरा का खास जिक्र: ‘चेकिंग से बच न पाए कोई भी गाड़ी’
वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट में सबसे चौंकाने वाली बात अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी के नामों का स्पष्ट उल्लेख होना है। मैसेज में अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि इन दोनों की कारें किसी भी परिस्थिति में बिना सघन चेकिंग के सुरक्षा घेरे से बाहर नहीं जानी चाहिए। टीएमसी ने इसी बिंदु को आधार बनाकर आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि अगर चेकिंग का नियम सबके लिए है, तो केवल एक विशेष परिवार और पार्टी के नेताओं को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? तृणमूल ने इस मैसेज को ‘टारगेटेड हैरेसमेंट’ यानी चुन-चुनकर परेशान करने की रणनीति करार दिया है।
अकेले चुनाव आयोग से भिड़ी तृणमूल: लोकतंत्र की मर्यादा पर छिड़ी नई बहस
स्क्रीनशॉट सार्वजनिक करने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के प्रवक्ताओं का कहना है कि आयोग को किसी भी राजनीतिक दल की ‘बी-टीम’ की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव कराने की जिम्मेदारी के बीच इस तरह के लीक हुए संदेश आयोग की छवि को धूमिल करते हैं। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद का असर आने वाले मतदान प्रतिशत और मतदाताओं के मूड पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है, ताकि इसे ‘बंगाल के अपमान’ और ‘तानाशाही’ के रूप में पेश किया जा सके।
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