Abhishek Banerjee On BJP: अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर तगड़ा हमला किया, मध्यवर्गीय मुद्दों पर दिया जवाब

क्या 2026 में बंगाल की सत्ता का रास्ता मध्यम वर्ग की नाराजगी से होकर गुजरेगा? अभिषेक बनर्जी ने बारुईपुर की धरती से भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए उन 'गुप्त' आर्थिक फैसलों का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है, जो आम आदमी की जेब खाली कर रहे हैं। आखिर वह कौन सी रणनीति है जिससे अभिषेक फिर से बंगाल जीतने का दावा कर रहे हैं?

Abhishek Banerjee On BJP

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 3, 2026

Abhishek Banerjee On BJP: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को बीजेपी पर कड़ा हमला किया। उन्होंने बीजेपी को सांप की तरह बताया और कहा कि अगर आप अपने आंगन में एक या कई सांप रखेंगे, तो वह आपको अंततः काटेंगे। अभिषेक ने जनता से अपील की कि इस बार अलीपुरद्वार में बीजेपी को हराकर इसे सबक सिखाया जाए।

Abhishek Banerjee On BJP: बीजेपी के खिलाफ तेजस्वी बयान

अलीपुरद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह बीजेपी से 10 गुना ज्यादा जिद्दी हैं और ऐसे मौके पर सिर्फ बीजेपी ही झुकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में ईवीएम के जरिए बीजेपी को सबक सिखाने के लिए लोग लाइन में खड़े होंगे। अभिषेक ने बीजेपी के संविधान बदलने के प्रयासों पर भी सवाल उठाया और कहा कि ऐसे लोगों को सत्ता से बाहर करना ही होगा।

Abhishek Banerjee On BJP: विदेश में काम कर रहे लोगों के लिए अभिषेक का जवाब

अभिषेक बनर्जी ने एक सवाल के जवाब में विदेश में काम करने वाले लोगों के वोटर लिस्ट से नाम हटाने की बात पर भी स्पष्ट किया। एक महिला ने शिकायत की थी कि उसका पति दुबई में काम करता है और उसके नाम को वोटर लिस्ट से हटाने का दबाव डाला जा रहा है। इस पर अभिषेक ने कहा कि किसी का नाम वोटर लिस्ट से जबरन नहीं हटाया जा सकता। यदि कोई व्यक्ति विदेश में है, तो वह चुनाव आयोग से संपर्क कर, अपने पासपोर्ट और वीजा के साथ एक फॉर्म 6A भर सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई BLO यह दावा कर रहा है कि वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया जाएगा, तो उस BLO के खिलाफ शिकायत दर्ज करनी चाहिए।

ज़मीन के पट्टे का मुद्दा

मधु टी एस्टेट के एक श्रमिक ने अभिषेक से पूछा कि उसने 1995 से वहां काम किया है, लेकिन उसे आज तक ज़मीन का पट्टा (टाइटल डीड) नहीं मिला है। श्रमिक ने यह भी बताया कि कंपनी का मालिक न तो पुराने घरों की मरम्मत करवा रहा है, और न ही ज़मीन के पट्टे दे रहा है। इस पर अभिषेक ने कहा कि ज़मीन के पट्टों का मुद्दा बहुत संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भरोसा दिलाया है कि सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों को ज़मीन के पट्टे देगी।

पट्टे मिलने में देरी पर अभिषेक का आश्वासन

अभिषेक ने कहा कि सीपीएम के शासन में ज़मीन से जुड़े मामलों को निपटाना काफी मुश्किल था और इसके लिए कई NOC की आवश्यकता पड़ती थी। अब, वर्तमान सरकार इस प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज़ बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को पट्टा मिलने में देर हो रही है, तो उन्हें थोड़ा और धैर्य रखना चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन इस मुद्दे को हमेशा कर्मचारियों के पक्ष में उठाएगा और वे इसके समाधान के लिए काम करेंगे।

ट्रेड यूनियनों की भूमिका

अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि टीएमसी का काम केवल सत्ता में रहना नहीं है, बल्कि वे मजदूरों और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्रेड यूनियन के माध्यम से वे हमेशा ऐसे मुद्दों को उठाते रहेंगे और श्रमिकों के लिए काम करते रहेंगे। इसके अलावा, उन्होंने सभी ट्रेड यूनियन के सदस्यों से अपील की कि वे हमेशा मज़दूरों के साथ खड़े रहें और उनके अधिकारों के लिए आवाज़ उठाते रहें।

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