Punjab Politics: 7 सांसदों की बगावत के बीच बलबीर सिंह सीचेवाल का बड़ा खुलासा, ठुकराया BJP का ऑफर

पंजाब की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब आम आदमी पार्टी के 7 दिग्गज सांसदों के भाजपा में जाने की खबरें आईं। सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने विक्रम साहनी के फोन कॉल और 'चाय पर चर्चा' के न्यौते का खुलासा कर सनसनी मचा दी है। क्या सच में राघव चड्ढा 'सुपर CM' थे? जानिए इस सियासी ड्रामे की पूरी इनसाइड स्टोरी।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 27, 2026

Punjab Politics: आम आदमी पार्टी में मची बड़ी आंतरिक कलह और पंजाब की राजनीति में आए भूचाल ने सियासी गलियारों को गर्मा दिया है। एक ओर जहां पार्टी के कद्दावर नेताओं पर पाला बदलने के आरोप लग रहे हैं, वहीं राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने अपनी निष्ठा और सिद्धांतों पर अडिग रहकर नई चर्चा छेड़ दी है।

आम आदमी पार्टी में बड़ी टूट

बताते चले कि, आम आदमी पार्टी (AAP) इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे शीर्ष रणनीतिकारों सहित 7 सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संपर्क में होने की खबरों ने पार्टी की बुनियाद हिला दी है। पार्टी के वफादार खेमे में इस कदम को लेकर भारी आक्रोश है और बागी नेताओं को खुलेआम ‘गद्दार’ तक कहा जा रहा है। अंदरखाने मची इस हलचल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब से लेकर दिल्ली तक सत्ता के समीकरण बदलने वाले हैं।

सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल को मिला दल-बदल का न्योता

आपको बता दे कि, राजनीति के इस घमासान के बीच, पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें राज्यसभा सांसद विक्रम साहनी का फोन आया था, जिसमें उन्हें नए राजनीतिक समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया। साहनी ने दावा किया कि कई सांसद पहले ही पाला बदलने के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। सीचेवाल ने बताया कि उन्हें राघव चड्ढा और अन्य बागियों ने ‘चाय पर चर्चा’ के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन उन्होंने किसी भी सौदेबाजी का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया।

पंजाब के ‘सुपर CM’ की चर्चा

सीचेवाल ने पंजाब के प्रशासनिक ढांचे पर बागियों के प्रभाव को स्वीकार करते हुए बताया कि एक समय राघव चड्ढा और संदीप पाठक की पकड़ राज्य सरकार पर बेहद गहरी थी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी फैसलों के लिए अक्सर इन्हीं नेताओं की ओर देखते थे, जिसके कारण राजनीतिक हलकों में चड्ढा को ‘सुपर CM’ तक कहा जाने लगा था। हालांकि, सीचेवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी के दबाव में नहीं आएंगे, क्योंकि उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय स्वयं मुख्यमंत्री भगवंत मान का था, न कि दिल्ली दरबार का।

ऑपरेशन लोटस और राजनीतिक नैतिकता पर सीचेवाल का संयमित रुख

जहां पूरी पार्टी बागियों के खिलाफ तीखी बयानबाजी कर रही है, वहीं सीचेवाल ने गुरबाणी का हवाला देते हुए संयम बरतने की सलाह दी है। उन्होंने ‘ऑपरेशन लोटस’ के आरोपों पर कहा कि हर राजनीतिक दल अपनी बिसात बिछाता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर भाजपा की ओर से सीधे तौर पर कोई दबाव नहीं बनाया गया है। सीचेवाल का कहना है कि उनका समर्पण केवल पंजाब के ज्वलंत मुद्दों और जनसेवा के प्रति है, न कि किसी पद या कुर्सी के लालच के प्रति।