Aaj Ka Mausam: कहां थमेगी बारिश और कहां होगी भारी वर्षा? जानें पूरा अपडेट

क्या आपके शहर में आज होगी बारिश या निकलेगी तेज धूप? मौसम विभाग ने 15 जुलाई के लिए नया पूर्वानुमान जारी किया है। कुछ राज्यों में बारिश थमने के संकेत हैं, जबकि कई इलाकों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। जानिए आपके राज्य का मौसम कैसा रहने वाला है।

कहां थमेगी बारिश और कहां होगी भारी वर्षा?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 15, 2026

Aaj Ka Mausam: 15 जुलाई तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे भारत में पहुंच चुका है, लेकिन अब इसके असर में क्षेत्रवार बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं। वहीं, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में मानसून सक्रिय बना रहेगा, जिससे कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई के दौरान सामान्य से कम वर्षा दर्ज हो सकती है, जबकि कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है। इसका असर खेती, जल स्रोतों और दैनिक जीवन पर पड़ने की आशंका है।

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उत्तर भारत: हल्की बारिश के बीच गर्मी और उमस का असर

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में 15 जुलाई को आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन व्यापक वर्षा के आसार कम हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। दूसरी ओर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, जिससे भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल गर्म और उमसभरा मौसम रहेगा, जबकि 18 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश का जोर रहेगा जारी

पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। खासकर ओडिशा के लिए मौसम विभाग ने 14 और 15 जुलाई को अत्यधिक वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वहीं, असम, मेघालय और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी लगातार तेज बारिश होने के संकेत हैं। इन क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव और नदी-नालों के उफान पर रहने की आशंका है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पश्चिम भारत में बारिश की रफ्तार होगी धीमी

महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ सकती है। मुंबई में जुलाई की शुरुआत में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज होने के बाद अब 15 जुलाई को मध्यम या भारी बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 जुलाई के बाद यहां फिर से मानसून सक्रिय हो सकता है। गुजरात और राजस्थान में भी केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है।

दक्षिण भारत में 17 जुलाई के बाद बढ़ सकती है बारिश

दक्षिण भारत में 17 जुलाई के बाद बढ़ सकती है बारिश
दक्षिण भारत में 17 जुलाई के बाद बढ़ सकती है बारिश

दक्षिण भारत में फिलहाल मानसून कमजोर स्थिति में बना हुआ है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना कम है। बेंगलुरु में हाल ही में सामान्य से काफी अधिक तापमान दर्ज किया गया, जिससे लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग का कहना है कि 17 जुलाई के बाद केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में मानसून दोबारा सक्रिय होगा और बारिश की गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।

मध्य भारत में हल्की से मध्यम बारिश के आसार

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है, हालांकि इसका दायरा सीमित रहेगा। इन राज्यों में तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहने और हवा में नमी बढ़ने का अनुमान है, जिससे उमस का असर भी महसूस किया जा सकता है।

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मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का स्वरूप अलग-अलग रहेगा। जहां पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी बारिश से सतर्क रहने की जरूरत है, वहीं उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और दक्षिण भारत के अधिकांश क्षेत्रों में कुछ दिनों तक बारिश कम रहने की संभावना है। लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। 17 जुलाई के बाद दक्षिण भारत में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे वहां वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।