Gen-Z Protest: ‘सच के लिए खुलकर बोल रहे हैं बच्चे’, Gen-Z को लेकर शंकराचार्य का बड़ा बयान

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद चर्चा में आए Gen-Z युवाओं पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने युवाओं को ‘हमारे बच्चे’ बताते हुए कहा कि वे सच के लिए खुलकर आवाज उठा रहे हैं। वहीं राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भी उन्होंने सवाल उठाए और जांच व कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल सामने रखे।

Gen-Z Protest:

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 1, 2026

Gen-Z Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद चर्चा में आए Gen-Z युवाओं को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने Gen-Z को देश के युवा और मासूम बच्चे बताते हुए कहा कि उन्होंने महसूस किया है कि सच को पीछे दबाया जा रहा है। शंकराचार्य ने कहा कि समाज के बड़े और बुद्धिजीवी लोग कई बार किसी मुद्दे पर बोलने से पहले कई तरह के विचार करते हैं, लेकिन युवा बिना किसी संकोच के अपनी बात सामने रख रहे हैं।

Gen-Z युवाओं पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान

Gen-Z Protest

बताते चले कि, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि Gen-Z युवा हमारे बच्चे हैं। उनके मुताबिक, इन युवाओं ने यह अनुभव किया है कि सच्चाई को दबाया जा रहा है, जबकि समाज के बड़े लोग सच के पक्ष में उतनी स्पष्टता से आवाज नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने युवाओं की बेबाकी को रेखांकित करते हुए कहा कि वे अपने मन की बात सीधे और खुले तौर पर कह रहे हैं।

शंकराचार्य ने कहा कि इन बच्चों में एक तरह की मासूमियत है। उनके अनुसार, समाज में जब कुछ गलत होता है तो बड़े लोग किसी भी प्रतिक्रिया से पहले अपनी बुद्धि और परिस्थितियों का आकलन करते हैं। इसके उलट युवा अपनी भावनाओं और अनुभव के आधार पर खुलकर अपनी बात रखते हैं।

Gen-Z प्रदर्शन और युवाओं की बेबाकी पर क्या बोले शंकराचार्य?

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि Gen-Z प्रदर्शन को केवल युवाओं के एक आंदोलन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उनकी बात को भी समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसा महसूस हुआ कि सच पीछे दब रहा है और इसी वजह से उन्होंने अपनी आवाज उठाई। उन्होंने देश के विद्वानों और बुद्धिजीवियों से भी इन युवाओं के साथ खड़े होने की अपील की। शंकराचार्य के मुताबिक, जिन युवाओं के पास अभी जीवन का लंबा अनुभव नहीं है, उनके सवालों और चिंताओं को नजरअंदाज करने के बजाय समाज के वरिष्ठ लोगों को उनकी बात सुननी चाहिए।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर शंकराचार्य ने उठाए सवाल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर भी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सवाल उठाए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने दावा किया कि जिस कोषाध्यक्ष के कार्यकाल में चोरी हुई, उसे बाद में और अधिक जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने इस मामले की जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि जिन लोगों के नाम पहले सामने आ रहे थे, अगर वे अब अभियुक्त नहीं बल्कि गवाह हैं, तो फिर मुकदमा किसके खिलाफ चलेगा?

Gen-Z Protest

शंकराचार्य ने इस मामले में कथित तौर पर जिम्मेदारी तय किए जाने के तरीके पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को बलि का बकरा बनाया गया होगा तो उसके ऊपर ही पूरा मामला डाल दिया जाएगा। हालांकि, ये शंकराचार्य द्वारा लगाए गए आरोप और सवाल हैं।

चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट का जिक्र

राम मंदिर ट्रस्ट और चढ़ावा चोरी विवाद पर अपनी बात रखते हुए शंकराचार्य ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इन लोगों को क्लीन चिट दी गई, जबकि अब ट्रस्ट में नए सदस्यों की नियुक्ति भी हो चुकी है। शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मामले में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा। इसी संदर्भ में शंकराचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि यहां न दूध दिखाई दिया और न पानी।

‘लाखों गाय गायब हो गईं तो दूध आएगा कहां से?’

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने बयान के दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि जब लाखों गायों के गायब होने की बात सामने आती है तो दूध कहां से आएगा। उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तीखी भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि संबंधित लोगों की आंखों में शर्म और हया नहीं बची है।

शंकराचार्य के इस बयान के बाद एक बार फिर Gen-Z प्रदर्शन, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से जुड़े आरोपों और जांच के संबंध में आधिकारिक निष्कर्षों को अलग-अलग पक्षों के बयानों के साथ देखना जरूरी है।