Meerut Murder Case: मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपी मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया है। करीब 19 महीने तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी माना। हालांकि, कोर्ट ने अभी सजा का ऐलान नहीं किया है। सजा पर बहस और फैसला अब 14 अक्टूबर को होगा। इस तारीख पर अदालत यह तय करेगी कि दोनों दोषियों को किस तरह की सजा दी जानी है।
मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में जुड़े
बताते चले कि, सौरभ राजपूत मर्डर केस में फैसला सुनाए जाने के दौरान दोनों आरोपी मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जुड़े। फैसला सुनाने से पहले जज ने मुस्कान से बातचीत की और कहा कि आज फैसले का दिन है, लेकिन अभी सजा नहीं सुनाई जा रही है। अदालत ने अपराध से समाज में पैदा होने वाले डर का भी उल्लेख किया।

जज ने मुस्कान से यह भी कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत को सजा तय करनी है। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अब सभी की नजरें 14 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
126 सुनवाई और 22 गवाहों के बाद आया फैसला
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, नीला ड्रम केस की सुनवाई लंबे समय तक चली। आरोपी मुस्कान और साहिल की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अदालत में कुल 126 बार सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह पेश किए गए। करीब 19 महीने तक चले ट्रायल के बाद आखिरकार अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। इस दौरान मामले की जांच, गवाहों के बयान और अदालत में हुई सुनवाई पर लगातार नजर बनी रही। अब दोष सिद्ध होने के बाद अगला चरण सजा तय करने का है।
14 अक्टूबर को होगा मुस्कान और साहिल की सजा का फैसला
सौरभ राजपूत हत्याकांड में सजा का ऐलान 14 अक्टूबर को किया जाएगा। सौरभ के परिवार की ओर से दोनों दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि अदालत दोषियों को उनके अपराध के मुताबिक सजा देगी। परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर उनकी अपेक्षा के मुताबिक सजा नहीं मिली तो वे आगे की कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। सौरभ के भाई राहुल ने पहले भी कहा था कि परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है और वह मामले में लगातार इंसाफ की मांग करता रहा है।
नीले ड्रम में शव मिलने से मचा था हड़कंप

मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड मार्च 2025 में सामने आया था। सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी में काम करते थे और विदेश में भी रहे थे। अभियोजन के अनुसार, सौरभ के भारत लौटने के बाद उनकी पत्नी मुस्कान और साहिल के बीच संबंधों को लेकर विवाद की पृष्ठभूमि में हत्या की साजिश रची गई। पुलिस जांच और अभियोजन के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को सौरभ को नींद की दवा दी गई और इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्या के बाद शव को एक नीले ड्रम में रखा गया। 18 मार्च को पुलिस ने सौरभ के घर से यह ड्रम बरामद किया, जिसके बाद मामला पूरे देश में चर्चा में आ गया।
24 फरवरी से 18 मार्च तक ऐसे आगे बढ़ा पूरा मामला
सौरभ राजपूत मर्डर केस की टाइमलाइन के मुताबिक, सौरभ 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ अपने घर लौटे थे। 25 फरवरी को घर में मुस्कान का जन्मदिन मनाया गया, जबकि 28 फरवरी को बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया गया। इसके कुछ ही दिनों बाद 3 मार्च को हत्या की घटना सामने आई। पुलिस के मुताबिक, 3 मार्च को मुस्कान ने सौरभ को नींद की दवा दी और इसके बाद साहिल को बुलाया गया। अभियोजन के अनुसार, दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की। अगले दिन 4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला चली गई।
17 मार्च को मेरठ वापसी, 18 मार्च को खुला नीला ड्रम केस
17 मार्च को शिमला से लौटने के बाद मुस्कान अपने मायके पहुंची और परिवार को सौरभ के बारे में जानकारी दी। 18 मार्च को पुलिस सौरभ के घर पहुंची, जहां से नीला ड्रम बरामद हुआ। ड्रम के अंदर सौरभ का शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और इसी दिन मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया।
अब करीब 19 महीने की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया है। 14 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि अदालत दोनों दोषियों को किस सजा का आदेश देती है।










