Aaj Ka Mausam: देश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में मौसम तेजी से बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, देश के करीब 21 राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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एक साथ सक्रिय हुए कई मौसम तंत्र
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय पांच अलग-अलग मौसम प्रणालियां एक साथ प्रभावी हैं, जिससे वर्षा की गतिविधियां तेज हो गई हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण, पूर्वी बांग्लादेश के आसपास सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र, मध्य पाकिस्तान के ऊपर मौजूद पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक फैली ट्रफ लाइन और मानसून ट्रफ मिलकर मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त असर से उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में व्यापक स्तर पर बारिश की संभावना बढ़ गई है।
दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश और हवाओं की संभावना
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदलने के संकेत हैं। दिनभर बादल छाए रहने के साथ कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों के पास जाने से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
उत्तर भारत के राज्यों में भी रहेगा बारिश का असर
उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बिजली गिरने की आशंका अधिक बताई गई है। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल में बाढ़ का बढ़ सकता है खतरा
पश्चिम बंगाल के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। यदि बारिश लगातार जारी रही तो कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
पहाड़ी इलाकों और दक्षिण भारत के लिए भी चेतावनी
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। चारधाम यात्रा या अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा शुरू करने की सलाह दी गई है। दूसरी ओर, केरल और तटीय कर्नाटक सहित पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में भी बारिश जारी रहने की संभावना है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी के चलते मछुआरों को फिलहाल समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।










