Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य में उद्योगों, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की एक उच्चस्तरीय बैठक में तीन नई नीतियों के तहत कुल 18 योजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य में औद्योगिक विकास को गति देना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और निवेशकों के लिए प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व सुगम बनाना है।
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‘मेक इन हरियाणा’ और वित्तीय प्रावधान

राज्य में औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत कई बड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इन योजनाओं के लिए पहले पांच वर्षों में कुल 5,305.89 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान अनुमानित किया गया है। इस नीति के तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने, 10 लाख नए रोजगार सृजित करने और वार्षिक माल निर्यात को 3.24 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।
प्रोत्साहन राशि भुगतान में पारदर्शिता और 8% ब्याज का नियम

निवेशकों और व्यापारियों की सबसे बड़ी शिकायत प्रक्रिया में होने वाली देरी और भुगतान में रुकावट को लेकर रहती थी। इसे दूर करने के लिए सरकार ने भुगतान प्रणाली को बेहद सरल और समयबद्ध बना दिया है, वैधानिक लेखा परीक्षक (Statutory Auditor) और स्वतंत्र चार्टर्ड इंजीनियर के प्रमाणपत्र के आधार पर कुल प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा मात्र सात कार्य दिवसों के भीतर जारी कर दिया जाएगा।
विस्तृत जांच और साइट विजिट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाकी की 50 प्रतिशत राशि 45 कार्य दिवसों के भीतर दे दी जाएगी। यदि सरकारी स्तर पर किसी प्रकार की देरी होती है, तो वित्तीय वर्ष 2026-27 से सरकार द्वारा निवेशकों को 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का अनूठा प्रावधान किया गया है।
एमएसएमई और एग्री-बिजनेस के लिए नई पहल
छोटे उद्योगों और कृषि आधारित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अन्य नीतियों में भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत छह प्रमुख क्षेत्रों के लिए 60 नई पहल की गई हैं, जिससे अगले पांच वर्षों में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और पांच लाख रोजगार का लक्ष्य है। पहली बार निर्यात करने वाली इकाइयों को गुणवत्ता प्रमाणन, बीमा, माल ढुलाई और व्यापार मेलों के लिए विशेष वित्तीय सहायता मिलेगी। इसमें 11 प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, जिसके जरिए 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निजी निवेश और करीब 30 हजार रोजगार सृजित होंगे। इसके तहत कोल्ड चेन, पैकेजिंग और खेत से बाजार तक की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
पूरी तरह ऑनलाइन और सिंगल विंडो सिस्टम

निवेशकों और व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवेदन करने से लेकर, उसकी जांच करने और अंतिम मंजूरी मिलने तक की पूरी प्रक्रिया को सिंगल विंडो सिस्टम पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। इस पारदर्शी व्यवस्था से हरियाणा देश भर के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा और सुगम कारोबारी केंद्र के रूप में उभर रहा है।
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