बिना वीजा आधार कार्ड निष्क्रिय, 10 साल तक मान्यता केवल OCI और नेपाल-भूटान नागरिकों के लिए

इंदौर  देश में वीजा लेकर रहने वाले विदेशी नागरिकों के आधार कार्ड की वैधता को लेकर केंद्र ने नई व्यवस्था लागू की है। अब विदेशी नागरिकों को जारी आधार उनकी कानूनी स्थिति और वीजा अवधि से सीधे जुड़ा रहेगा। वीजा समाप्त होते ही आधार स्वत: निष्क्रिय हो जाएगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय पारदर्शिता बढ़ाने, दुरुपयोग रोकने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। नए नियम के अनुसार लॉन्ग टर्म वीजा, टूरिस्ट, बिजनेस या स्टूडेंट वीजा पर भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों का आधार केवल उनकी वीजा अवधि तक ही मान्य रहेगा।

Wrriten By :

Editor

Published On :

फ़रवरी 26, 2026

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इंदौर 

देश में वीजा लेकर रहने वाले विदेशी नागरिकों के आधार कार्ड की वैधता को लेकर केंद्र ने नई व्यवस्था लागू की है। अब विदेशी नागरिकों को जारी आधार उनकी कानूनी स्थिति और वीजा अवधि से सीधे जुड़ा रहेगा। वीजा समाप्त होते ही आधार स्वत: निष्क्रिय हो जाएगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय पारदर्शिता बढ़ाने, दुरुपयोग रोकने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

नए नियम के अनुसार लॉन्ग टर्म वीजा, टूरिस्ट, बिजनेस या स्टूडेंट वीजा पर भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों का आधार केवल उनकी वीजा अवधि तक ही मान्य रहेगा। वीजा समाप्त होते ही कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाएगा और उससे जुड़ी सेवाओं का उपयोग संभव नहीं होगा। यह व्यवस्था सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और पहचान सत्यापन से जुड़े उपयोग को नियंत्रित करेगी।

नेपाल और भूटान वासियों को राहत

भारत के साथ विशेष संबंध रखने वाले नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए भी आधार की वैधता 10 वर्ष तय की गई है। इन देशों के नागरिकों को भारत में कई सुविधाएं मिलती हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान रखा गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें वीजा समाप्त होने के बाद भी कुछ विदेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार बनवाकर देश में रह रहे थे।

फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाने की पहल

सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें वीजा समाप्त होने के बाद भी कुछ विदेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार बनवाकर देश में रह रहे थे।

नई व्यवस्था के तहत आधार की वैधता संबंधित व्यक्ति की कानूनी स्थिति से जुड़ी रहेगी। इससे सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार के दुरुपयोग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब विदेशी नागरिकों के आधार कार्ड की निगरानी प्रणाली और अधिक सख्त होगी, जिससे वीजा समाप्त होते ही संबंधित आधार स्वत: निष्क्रिय हो जाएगा।

वीजा खत्म होते ही आधार होगा निष्क्रिय

नई व्यवस्था के तहत आधार की वैधता संबंधित व्यक्ति की कानूनी स्थिति से जुड़ी रहेगी। इससे सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार के दुरुपयोग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब विदेशी नागरिकों के आधार कार्ड की निगरानी प्रणाली और अधिक सख्त होगी, जिससे वीजा समाप्त होते ही संबंधित आधार स्वत: निष्क्रिय हो जाएगा।

हालांकि ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों के लिए अलग प्रावधान रखा गया है। भारतीय मूल से जुड़े इन व्यक्तियों को जारी आधार कार्ड 10 वर्षों तक वैध रहेगा। निर्धारित अवधि के बाद उन्हें नवीनीकरण या अपडेट की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसी प्रकार नेपाल और भूटान के नागरिकों को भी विशेष संबंधों के मद्देनजर 10 वर्ष की वैधता प्रदान की गई है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्षों में ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें वीजा समाप्त होने के बावजूद कुछ विदेशी नागरिक आधार का उपयोग करते रहे। फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान सत्यापन और सेवाओं का लाभ लेने की शिकायतें भी मिली थीं। नई व्यवस्था इन खामियों को दूर करने के लिए तैयार की गई है। संबंधित एजेंसियां अब वीजा डेटा और पहचान रिकॉर्ड को एकीकृत प्रणाली से जोड़ेंगी।

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