अद्भुत कहानी जेल से: मुस्लिम महिला जेलर ने उम्रकैद के हिंदू युवक से बंधाई शादी

छतरपुर  जिले के लवकुशनगर में एक अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षिका फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में सजा काट चुके हिंदू युवक धर्मेंद्र सिंह चंदला से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया। यह शादी 5 मई को वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रस्मों के बीच संपन्न हुई। खास बात यह रही कि लड़की पक्ष के परिजन शादी में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कन्यादान की रस्म निभाई। जानकारी के मुताबिक रीवा निवासी फिरोजा खातून केंद्रीय जेल सतना में सहायक

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Published On :

मई 7, 2026

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छतरपुर 
जिले के लवकुशनगर में एक अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षिका फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में सजा काट चुके हिंदू युवक धर्मेंद्र सिंह चंदला से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया। यह शादी 5 मई को वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रस्मों के बीच संपन्न हुई। खास बात यह रही कि लड़की पक्ष के परिजन शादी में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कन्यादान की रस्म निभाई।

जानकारी के मुताबिक रीवा निवासी फिरोजा खातून केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। जेल में उनकी जिम्मेदारी वारंट इंचार्ज के रूप में थी, वहीं धर्मेंद्र सिंह चंदला हत्या के एक चर्चित मामले में उम्रकैद की सजा काट चुका था। जेल में अच्छे व्यवहार के चलते वह प्रशासनिक और वारंट संबंधी कार्यों में सहयोग करता था।

 बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। लंबे समय तक एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने विवाह करने का फैसला लिया।

सूत्रों के अनुसार फिरोजा खातून के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे, जिसके चलते परिवार का कोई सदस्य शादी समारोह में शामिल नहीं हुआ। ऐसे में बजरंग दल के कार्यकर्ता आगे आए और विवाह की रस्मों में सहयोग करते हुए कन्यादान की जिम्मेदारी निभाई। शादी पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई, जहां दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लेकर साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया।

जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र सिंह वर्ष 2007 में नगर परिषद चंदला के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस चर्चित मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। करीब 14 साल जेल में रहने और अच्छे आचरण के आधार पर उसे रिहा किया गया था और पिछले चार वर्षों से वह जेल से बाहर था। 

विवाह की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस शादी को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रेम, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बता रहे हैं, तो कुछ सरकारी सेवा के दौरान कैदी से संबंध बनने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल यह विवाह सतना केंद्रीय जेल से लेकर स्थानीय क्षेत्र और सोशल मीडिया तक चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है। 

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