2 पुरुषों से गर्भवती हुई महिला, जुड़वां बच्चे पैदा, डॉक्टर भी हैरान

कोलंबिया आज के समय में कई ऐसे कपल्स हैं जिनके जुड़वां बच्चे हैं. आमतौर पर जुड़वां बच्चों का पिता एक ही होता है लेकिन हाल ही में आए एक मामले ने मेडिकल साइंस को भी हैरत में डाल दिया है.  दरअसल, कोलंबिया एक मां ने 2 बच्चं को जन्म दिया था जो जुड़वां थे. लेकिन जब उसने डीएनए टेस्ट कराया तो सामने आया कि दोनों के पिता अलग-अलग हैं. दुनिया भर में अभी तक ऐसे सिर्फ 20 मामले ही सामने आए हैं।  डॉक्टर्स के मुताबिक इसे  'हेटेरोपैटर्नल सुपरफेकंडेशन' की स्थिति कहते हैं जो काफी दुर्लभ है जिसमें एक महिला की

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Published On :

मई 5, 2026

कोलंबिया
आज के समय में कई ऐसे कपल्स हैं जिनके जुड़वां बच्चे हैं. आमतौर पर जुड़वां बच्चों का पिता एक ही होता है लेकिन हाल ही में आए एक मामले ने मेडिकल साइंस को भी हैरत में डाल दिया है.  दरअसल, कोलंबिया एक मां ने 2 बच्चं को जन्म दिया था जो जुड़वां थे. लेकिन जब उसने डीएनए टेस्ट कराया तो सामने आया कि दोनों के पिता अलग-अलग हैं. दुनिया भर में अभी तक ऐसे सिर्फ 20 मामले ही सामने आए हैं। 

डॉक्टर्स के मुताबिक इसे  'हेटेरोपैटर्नल सुपरफेकंडेशन' की स्थिति कहते हैं जो काफी दुर्लभ है जिसमें एक महिला की कोख से जन्मे 2 बच्चों के पिता के डीएनए अलग-अलग होते हैं. आखिर ये पूरा मामला क्या है, एक ही समय पर एक महिला 2 अलग-अलग पुरुषों से कैसे प्रेगनेंट हो सकती है, इस बारे में जान लीजिए। 

क्या है 'सुपरफेकंडेशन' का पूरा मामला?
मेडिकल साइंस की भाषा में इस स्थिति को हेटेरोपैटर्नल सुपरफेकंडेशन कहा जाता है. आमतौर पर एक महिला के ओव्यूलेशन पीरियड के दौरान एक ही एग्स रिलीज होता है लेकिन कभी-कभी शरीर 2 अंडे रिलीज कर देता है. अगर महिला बेहद कम समय के गैप में 2 अलग-अलग पुरुषों के साथ रिलेशन बना लेती है तो दोनों अंडे अलग-अलग स्पर्म से फर्टिलाइज हो सकते हैं. कोलंबिया की नेशनल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने दावा किया है कि यह मामला 100 प्रतिशत सही है। 

डॉक्टरों और रिसर्च का क्या कहना है?
एक्सपर्ट का मानना है कि यह स्थिति जितनी हैरान करने वाली है, उतनी ही दुर्लभ भी है. जेनेटिक्स एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के अनुसार, स्पर्म महिला के शरीर में कई दिनों तक जीवित रह सकते हैं. कोलंबिया के नेशनल यूनिवर्सिटी में 'लेबोरेटरी ऑफ पॉपुलेशन जेनेटिक्स एंड आइडेंटिफिकेशन' के रिसचर्स ने बताया कि पिता को बच्चों के पितृत्व पर संदेह था जिसके बाद डीएनए जांच कराई गई. रिपोर्ट में पाया गया कि बच्चों के 'Y' क्रोमोसोम अलग-अलग पिताओं से मैच कर रहे थे जिसने इस दुर्लभ मेडिकल कंडीशन को पक्का कर दिया। 

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