भोपाल से उज्जैन पहुंची विशेषज्ञों की टीम, खड़े हनुमान जी की मूर्ति और बेस की हुई स्कैनिंग

उज्जैन  प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर का मुख्य ढांचा हटाए जाने के डेढ़ महीने बाद मंगलवार रात करीब 12 बजे भोपाल से आई तकनीकी विशेषज्ञों की टीम एसडीएम लक्ष्मीनारायण गर्ग के साथ मंदिर पहुंची। टीम ने आधुनिक इलेक्ट्रानिक मशीनों से मूर्ति और उसके बेस की स्कैनिंग की। इस जांच का उद्देश्य क्या था और इसके निष्कर्षों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होगी, यह प्रशासन ने स्पष्ट नहीं किया है। चौड़ीकरण की जद में मंदिर उल्लेखनीय है कि उज्जैन में प्रख्यात खड़े हनुमान का मंदिर कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। इस चौड़ीकरण

Wrriten By :

Editor

Published On :

अक्टूबर 30, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

उज्जैन
 प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर का मुख्य ढांचा हटाए जाने के डेढ़ महीने बाद मंगलवार रात करीब 12 बजे भोपाल से आई तकनीकी विशेषज्ञों की टीम एसडीएम लक्ष्मीनारायण गर्ग के साथ मंदिर पहुंची।

टीम ने आधुनिक इलेक्ट्रानिक मशीनों से मूर्ति और उसके बेस की स्कैनिंग की। इस जांच का उद्देश्य क्या था और इसके निष्कर्षों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होगी, यह प्रशासन ने स्पष्ट नहीं किया है।

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

चौड़ीकरण की जद में मंदिर
उल्लेखनीय है कि उज्जैन में प्रख्यात खड़े हनुमान का मंदिर कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। इस चौड़ीकरण की जद में आए 172 मकान-दुकान एवं लगभग 10 धार्मिक स्थलों को नगर निगम प्रशासन हटाकर शिफ्ट करने की कार्रवाई कर चुका है। इसी कड़ी में डेढ़ महीने पहले खड़े हनुमान मंदिर का मुख्य ढांचा नगर निगम ने हटा दिया था, मगर मूर्ति नहीं हटाई जा सकी।

मूर्ति की संरचनात्मक स्थिति को लेकर उठे सवाल
डेढ़ महीने से खड़े हनुमान मंदिर का मामला ठंडा पड़ा था, लेकिन इसी बीच मंगलवार देर रात तकनीकी टीम के पहुंचने से मूर्ति के बेस की वास्तविक गहराई और उसकी संरचनात्मक स्थिति को लेकर नए सवाल खड़े हुए हैं। बताया गया है कि इस टीम ने मूर्ति के आसपास उपकरण लगाकर स्कैनिंग की और बेस की गहराई मापने का प्रयास किया।
हालांकि, जांच किस विभाग के निर्देश पर कराई गई, तकनीकी रिपोर्ट में क्या सामने आया और इसका आगे की व्यवस्था से क्या संबंध है, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, रात में बिना सार्वजनिक जानकारी के इस जांच प्रक्रिया पर भाजपा पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने सवाल उठाया है।