कुएं, तालाब और नदियों की सफाई से जल सुरक्षा की ओर मजबूत पहल

भोपाल  मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून तक संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत कुएँ, तालाब, बावड़ी और नहरों की सफाई, गहरीकरण, पुनर्जीवन, पौधरोपण, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग तथा जल गुणवत्ता सुधार जैसे कार्य किए जा रहे हैं। यह अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले रहा है, जिसमें ग्रामीण और शहरी स्तर पर सामूहिक श्रमदान और जागरूकता गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं। डिंडोरी जिले में जारी है नर्मदा घाटों पर साप्ताहिक सफाई अभियान डिंडोरी जिले में “जल गंगा संवर्धन

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Published On :

अप्रैल 28, 2026

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भोपाल 

मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून तक संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत कुएँ, तालाब, बावड़ी और नहरों की सफाई, गहरीकरण, पुनर्जीवन, पौधरोपण, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग तथा जल गुणवत्ता सुधार जैसे कार्य किए जा रहे हैं। यह अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले रहा है, जिसमें ग्रामीण और शहरी स्तर पर सामूहिक श्रमदान और जागरूकता गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं।

डिंडोरी जिले में जारी है नर्मदा घाटों पर साप्ताहिक सफाई अभियान

डिंडोरी जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” और “मैया अभियान” के तहत प्रत्येक रविवार को नर्मदा घाटों पर व्यापक सफाई की जा रही है। कलेक्टर मती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों द्वारा श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। इससे नर्मदा घाटों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

देवास में किया जा रहा जल संरचनाओं का निर्माण और गहरीकरण का कार्य

देवास जिले में कलेक्टर  ऋतुराज सिंह के निर्देशन में जल संरचनाओं का निर्माण, गहरीकरण और मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। ग्राम नानूखेड़ा में सामुदायिक कूप गहरीकरण तथा ग्राम गुसट में तालाब गहरीकरण जनसहयोग से किया गया। इसके अलावा छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड में तालाबों की सफाई और श्रमदान कार्य किए गए। साथ ही, दीवार लेखन, स्कूल गतिविधियों और विद्यार्थियों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश फैलाया जा रहा है।

तालाब और प्राचीन बावड़ियों की सफाई कर संरक्षण कार्यों को मिली गति

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत छतरपुर में फुटेरा तालाब और प्राचीन बावड़ियों की सफाई कर संरक्षण कार्यों को गति दी गई। अभियान के तहत “हर बूंद का संरक्षण-जीवन का संरक्षण” का संदेश दिया जा रहा है। इसी तरह उमरिया जिले में भी अभियान के तहत दीवार लेखन और जनजागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ ग्राम बरदढार में बोरी बंधान का कार्य किया गया, जिससे जल संचयन और भूजल स्तर में वृद्धि होगी। टीकमगढ़ में ईदगाह स्थित कुएं की सफाई के लिए श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर  विवेक श्रोत्रिय ने नागरिकों से जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।

दीवार लेखन, पोस्‍टर और निबंध प्रतियोगिता के माध्‍यम से जागरूकता

पांढुर्णा जिले में दीवार लेखन, पोस्टर और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। विद्यार्थियों ने “जल ही जीवन है” जैसे संदेशों के जरिए लोगों को प्रेरित किया। इसके अतिरिक्‍त अभियान के तहत शहडोल में नाग तलैया की सफाई के लिए श्रमदान कार्यक्रम आयोजित कर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई और नागरिकों को सामूहिक शपथ दिलाई गई। “जल गंगा संवर्धन अभियान” मध्यप्रदेश में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर उभर रहा है, जिसमें शासन और समाज मिलकर जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

 

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