सोनम रघुवंशी को जमानत दिलाने वाली पुलिस की गलती, कोर्ट में सवाल उठे

इंदौर   राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder Case) को एक साल पूरे होने वाले है लेकिन इस हाईप्रोफाइल केस में अभी भी कई ट्विस्ट सामने आ रहे है। इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी और मृतक राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी को कोर्ट ने शर्तों के आधार और 50 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी है। सोनम रघुवंशी के पिता देवी सिंह ने उसकी जमानत कराई। सोनम की जमानत की खबर सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर लोग एक ही सवाल गूंज रहा है- 'आखिर सोनम को जमानत कैसे मिली? बताया जा रहा है कि सोनम रघुवंशी

Wrriten By :

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Published On :

मई 1, 2026

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इंदौर 
 राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder Case) को एक साल पूरे होने वाले है लेकिन इस हाईप्रोफाइल केस में अभी भी कई ट्विस्ट सामने आ रहे है। इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी और मृतक राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी को कोर्ट ने शर्तों के आधार और 50 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी है। सोनम रघुवंशी के पिता देवी सिंह ने उसकी जमानत कराई। सोनम की जमानत की खबर सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर लोग एक ही सवाल गूंज रहा है- 'आखिर सोनम को जमानत कैसे मिली? बताया जा रहा है कि सोनम रघुवंशी को जमानत शिलॉन्ग पुलिस की एक गलती के कारण मिली है। बता दें कि, इससे पहले सोनम की 3 बार जमानत रद्द हो चुकी है।

पुलिस की एक गलती और सोनम को मिली जमानत
मिली जानकारी के अनुसार, राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम शिलॉन्ग पुलिस की कमजोर विवेचना के चलते इतने कम समय में जेल से बाहर आने में सफल हुई है। पूर्वी खासी हिल्स जिला न्यायालय ने शिलॉन्ग पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने चालान में धाराएं अलग-अलग लिखी थीं। बताया जा रहा कि यह पुलिस की टाइपिंग मिस्टेक थी। इसके अलावा गिरफ्तारी की प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और ट्रायल में भी देरी की गई। शिलांग के सत्र न्यायालय ने जमानत देते हुए अपनी टिप्पणी में कहा- पुलिस ने गिरफ्तारी का कारण बताने वाला फार्म सही तरीके से नहीं भरा था। कई जगह अलग-अलग धाराएं लिखी गई थीं। ट्रायल में भी पुलिस ने देरी की है।

पुलिस ने और कहा कि गलती?
जिला कोर्ट ने ये भी पाया कि ,गिरफ्तारी के कारण स्पष्ट नहीं बताए गए हैं। कोर्ट ने पाया कि, आरोपी को गिरफ्तारी के समय जिन धाराओं और तथ्यों के आधार पर पकड़ा गया, उनकी सही और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। दस्तावेज़ों में भी ये साफ नहीं था कि, किन धाराओं के तहत गिरफ्तारी की गई है, जिससे आरोपी को अपने बचाव का पूरा मौका नहीं मिल गया। बता दें कि, गिरफ्तारी के कारण न बताना संविधान के अनुच्छेद 22 (1) का उल्लंघन माना गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, ये आरोपी का मौलिक अधिकार है कि उसे तुरंत गिरफ्तारी का कारण बताया जाए।

कोर्ट ने पकड़ी एक और बड़ी गलती
इसके अलावा जिला कोर्ट ने एक और बड़ी गलती पकड़ी। कोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी मौजूद नहीं है जिससे ये पता चल सके की जिस समय सोनम को गाजीपुर कोर्ट ने पेश किया गया तब उसकी तरफ से कोई वकील मौजूद था। कोर्ट ने कहा कि उस समय अगर वकील मौजूद होता तो ये आपत्ति पहले ही उठाई जा सकती थी।

इन शर्तों के आधार पर मिली जमानत

    सोनम किसी सबूत के साथ छेडख़ानी नहीं करेगी।
    हर तारीख पर कोर्ट में उपलब्ध होगी।
    कोर्ट के क्षेत्राधिकार (शिलांग से बाहर) से बिना कोर्ट की इजाजत नहीं जा सकेगी।
    50 हजार रुपए के बांड कोर्ट में जमा करेगी।

क्या है मामला
इंदौर के सहकार नगर, कैट रोड निवासी राजा रघुवंशी की 23 मई 2025 को शिलांग के टूरिस्ट प्लेस में हत्या हुई थी। ऑपरेशन हनीमून के तहत स्थानीय पुलिस ने आरोपी सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह, उसके साथी विशाल चौहान, आकाश राजपूत, आनंद कुर्मी सभी निवासी नंदबाग को गिरफ्तार किया था। केस में कई माह से आरोपी जेल में हैं। 

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