भारत-जापान दोस्ती का बड़ा फायदा: भारतीयों के लिए विदेश यात्रा के नए रास्ते खुले

नई दिल्ली हाल ही में जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की यह मुलाकात भू-राजनीतिक उतार-चढ़ाव से जूझ रहे दो हिंद-प्रशांत दिग्गजों के बीच खास रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की मजबूती को दर्शाती है। इसके साथ ही भारतीयों के लिए जापान की यात्रा करना अब और भी आसान होगा। हाल ही में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ मुलाकात के बाद जानकारी सामने आई है कि भारतीयों के लिए जापान ने अपने वीजा में बदलाव किया

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Published On :

जनवरी 23, 2026

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नई दिल्ली
हाल ही में जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की यह मुलाकात भू-राजनीतिक उतार-चढ़ाव से जूझ रहे दो हिंद-प्रशांत दिग्गजों के बीच खास रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की मजबूती को दर्शाती है। इसके साथ ही भारतीयों के लिए जापान की यात्रा करना अब और भी आसान होगा। हाल ही में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ मुलाकात के बाद जानकारी सामने आई है कि भारतीयों के लिए जापान ने अपने वीजा में बदलाव किया है। इसके तहत जापान समेत कई देशों की यात्रा करने वाले भारतीयों के समय और पैसों की बचत होगी। जापान के वैलिड वीजा के आधार पर भारतीय यात्री सात अन्य देशों की यात्रा कर सकेंगे। वैलिड जापान वीजा वाले भारतीय पासपोर्ट होल्डर यूरोप, एशिया, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अमेरिका में कुछ जगहों पर जा सकते हैं। यह देश की शर्तों पर निर्भर करता है। इनमें जॉर्जिया, फिलीपींस, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, ताइवान, मोंटेनेग्रो और मेक्सिको शामिल हैं।
भारत-जापान 2027 में अपनी रणनीतिक साझेदारी के 75 साल पूरे करेगा और इसके साथ ही इस साल जापान की फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (एफओआईपी) स्ट्रैटेजी की 10वीं सालगिरह है।
ऐसे में इस मुलाकात के दौरान दोनों मंत्रियों ने 2026 की पहली तिमाही में लॉन्च के लिए जापान-भारत प्राइवेट-सेक्टर डायलॉग ऑन इकोनॉमिक सिक्योरिटी को हरी झंडी दिखाई। इसमें प्राथमिकता वाले पांच क्षेत्रों, सेमीकंडक्टर, जरूरी मिनरल, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी), क्लीन एनर्जी और फार्मास्यूटिकल्स, पर फोकस किया गया है।
दोनों देशों ने यह कदम वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए उठाया है, ताकि भारत-जापान की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी बैटरी और चिप्स के लिए रेयर अर्थ का स्थिर सप्लाई सुनिश्चित हो सके।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में, जापान-इंडिया एआई कोऑपरेशन इनिशिएटिव (जेएआई) में बड़े स्तर पर सहयोग बढ़ाने के लिए जापान-भारत एआई स्ट्रेटेजिक डायलॉग की स्थापना को बूस्ट किया है। क्वाड सहयोग को फिर से सुनिश्चित करते हुए दोनों देशों के मंत्रियों ने समुद्री डोमेन अवेयरनेस, कम्युनिकेशन की सुरक्षित समुद्री लाइनों और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर में साझा प्राथमिकताओं पर जोर दिया।

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