सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की रूपरेखा का दस्तावेज हुआ जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश वन विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-2026 के अंतर्गत की गई पक्षी गणना की राज्य स्तरीय रिपोर्ट का विमोचन शुक्रवार 27 फरवरी को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही.एन. अम्बाडे ने किया। एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-2026 अंतर्गत पक्षी गणना 3 से 8 जनवरी में प्रदेश में आयोजित की गई, जिसमें जिला स्तर पर वनमंडलाधिकारी के निर्देशन में वन विभाग के मैदानी अमले के साथ स्थानीय स्वयं सेवी संगठन, पक्षीप्रेमी एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रदेश स्तर पर पक्षियों का सर्वेक्षण किया गया। एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-2026 की राज्य स्तरीय रिपोर्ट के

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Published On :

फ़रवरी 27, 2026

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भोपाल 

मध्यप्रदेश वन विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-2026 के अंतर्गत की गई पक्षी गणना की राज्य स्तरीय रिपोर्ट का विमोचन शुक्रवार 27 फरवरी को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही.एन. अम्बाडे ने किया।

एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-2026 अंतर्गत पक्षी गणना 3 से 8 जनवरी में प्रदेश में आयोजित की गई, जिसमें जिला स्तर पर वनमंडलाधिकारी के निर्देशन में वन विभाग के मैदानी अमले के साथ स्थानीय स्वयं सेवी संगठन, पक्षीप्रेमी एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रदेश स्तर पर पक्षियों का सर्वेक्षण किया गया। एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-2026 की राज्य स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 45 जिलों के कुल 360 स्थलों में पक्षी सर्वेक्षण का कार्य किया गया, जिसके अंतर्गत सूचीबद्ध 412 चेकलिस्टों का विस्तृत अध्ययन किया गया। इसके आधार पर सर्वेक्षण अवधि में प्रदेश में कुल 308 पक्षियों की प्रजातियाँ तथा कुल 96 हजार 495 की संख्या दर्ज की गई। सर्वेक्षण में 24 दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं लुप्तप्राय (RET) प्रजातियों- को देखा गया, जिनमें –इंडियन स्कीमर, सारस क्रेन, व्हाइट-रम्प्ड वल्चर, रेड-हेडेड वल्चर, पेंटिड स्टॉर्क, तथा ब्लैक-हेडेड आइबिस जैसी प्रजातियाँ शामिल हैं। साथ ही प्रवासीय पक्षियों की भी कई प्रजातीयां रिपोर्ट में सम्मिलित की गई हैं। राज्य स्तरीय रिपोर्ट में 5 से 15 फरवरी तक हुए वार्षिक चम्बल पक्षी सर्वेक्षण को भी सम्मिलित किया गया है, जिसमें चम्बल क्षेत्र में कुल 141 पक्षी प्रजातियाँ देखी गई हैं।

एडब्ल्यूसी-2026 की रिपोर्ट राज्य में पक्षियों की जैव विविधता, आर्द्रभूमियों के उच्च संरक्षण एवं नवीन पहचाने गए संभावित पक्षियों के हॉट स्पॉट के महत्व को दर्शाती है। वन विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से तैयार यह प्रतिवेदन राज्य में वैज्ञानिक आर्द्रभूमि प्रबंधन, दीर्घकालिक पक्षी मॉनिटरिंग तथा संरक्षण नियोजन के लिए महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होगा।

इस अवसर पर वन विभाग के समस्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, समस्त अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के सदस्य सचिव, एडब्ल्यूसी राज्य समन्वयक, बोर्ड के सहायक सदस्य सचिव एवं तकनीकी विशेषज्ञ और अधिकारी उपस्थित रहे। 

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