लखनऊ में 1 जून से भक्तिमय माहौल, जगद्गुरु रामभद्राचार्य सुनाएंगे 9 दिवसीय श्रीराम कथा

लखनऊ में 1 जून से गूंजेगी श्रीराम कथा, जगद्गुरु रामभद्राचार्य करेंगे 9 दिवसीय कथा का वाचन योगी सरकार के कई मंत्री हो सकते हैं शामिल सीएम योगी ने जारी किया था श्रीराम कथा के भव्य मंच का पोस्टर लखनऊ लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में 1 जून से 9 जून तक पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की 9 दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। देश के विख्यात संत, जगद्गुरु रामभद्राचार्य अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का संदेश देंगे। आयोजकों ने इस कार्यक्रम में

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जून 1, 2026

लखनऊ में 1 जून से गूंजेगी श्रीराम कथा, जगद्गुरु रामभद्राचार्य करेंगे 9 दिवसीय कथा का वाचन

योगी सरकार के कई मंत्री हो सकते हैं शामिल

सीएम योगी ने जारी किया था श्रीराम कथा के भव्य मंच का पोस्टर

लखनऊ
लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में 1 जून से 9 जून तक पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की 9 दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। देश के विख्यात संत, जगद्गुरु रामभद्राचार्य अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का संदेश देंगे। आयोजकों ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की उम्मीद जताई है।

योगी सरकार के कई मंत्री हो सकते हैं शामिल

आयोजन समिति के मुताबिक, कथा के दौरान योगी सरकार के तमाम मंत्री विभिन्न तिथियों में शामिल हो सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी कथा में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके मद्देनजर आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। गौरतलब है कि बीते शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम मंदिर की अनुकृति पर आधारित कथा मंच के पोस्टर का विमोचन करते हुए आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी थीं।

नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का होगा प्रसार

आयोजकों का कहना है कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों, सामाजिक समरसता और राष्ट्र चेतना को मजबूत करने का माध्यम भी है। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सेवा, सदाचार और कर्तव्यबोध की भावना का विस्तार होता है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद 250 से अधिक ग्रंथों की रचना करने वाले जगद्गुरु रामभद्राचार्य शिक्षा, साहित्य और अध्यात्म के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए देशभर में सम्मानित हैं।