आगरा के दंपती कान्हा की भक्ति में रोजाना लोटपोट होकर नाप रहे ब्रज

आगरा. ब्रज चौरासी कोस में कान्हा का माधुर्य और दिव्यता का आकर्षण भक्तों को ब्रज रज में लोटपोट के लिए मजबूर कर रहा है। कान्हा की भक्ति में वशीभूत आगरा के दंपती ब्रज चौरासी कोस की लोटपोट होकर परिक्रमा कर रहे हैं। आगरा जिले में गांव नगला परमाल (अकोला) में रहने वाले पूर्व शिक्षक अमरसिंह और उनकी पत्नी रामवती इन दिनों कान्हा की भक्ति में लीन हैं। जिसमें वह बृज चौरासी कोस की परिक्रमा लोटपोट होकर कर रहे हैं। इन्हें देख रास्ता में लोग नतमस्तक हो रहे हैं। पत्नी आगे झाड़ू लगाते हुए साथ चल रही हैं। पति के थकने

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Published On :

मार्च 10, 2026

आगरा.

ब्रज चौरासी कोस में कान्हा का माधुर्य और दिव्यता का आकर्षण भक्तों को ब्रज रज में लोटपोट के लिए मजबूर कर रहा है। कान्हा की भक्ति में वशीभूत आगरा के दंपती ब्रज चौरासी कोस की लोटपोट होकर परिक्रमा कर रहे हैं। आगरा जिले में गांव नगला परमाल (अकोला) में रहने वाले पूर्व शिक्षक अमरसिंह और उनकी पत्नी रामवती इन दिनों कान्हा की भक्ति में लीन हैं।

जिसमें वह बृज चौरासी कोस की परिक्रमा लोटपोट होकर कर रहे हैं। इन्हें देख रास्ता में लोग नतमस्तक हो रहे हैं। पत्नी आगे झाड़ू लगाते हुए साथ चल रही हैं। पति के थकने पर वह भी लोटपोट होकर परिक्रमा करती है।

दंपती ने कहा, जीवन कान्हा को समर्पित
सोमवार को सुरीर होकर लोटपोट परिक्रमा देते जा रहे दंपती ने बताया कि उन्होंने अपना जीवन कान्हा को समर्पित कर रखा है। परिवार में तीन बहू और बेटा है, वो सभी सरकारी नौकरी में है। परिक्रमा मार्ग पर तमाम झंझावतों को झेलते जा रहे दंपती के चेहरे पर थकावट अथवा परेशानी नाम की कोई शिकन नहीं है।

एक दिन में 5 किलोमीटर का सफर तय
उन्होंने बताया कि लोटपोट होकर परिक्रमा में वह एक दिन में पांच किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं। उन्होंने छह फरवरी को गोवर्धन के समीप से बृज चौरासी कोस परिक्रमा शुरू की है। अब तक वह सुरीर तक पहुंचे हैं।

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