Zomato News: ‘नकली पनीर’ पर जोमैटो सख्त, एनालॉग डेयरी वाली डिश पर लगी रोक

जोमैटो पर पनीर वाली कई डिश अचानक क्यों गायब हो गईं? कंपनी ने एनालॉग डेयरी के इस्तेमाल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आखिर एनालॉग पनीर क्या होता है, इसे असली पनीर से कैसे अलग पहचानें और रेस्टोरेंट्स के लिए जोमैटो ने कौन से नए नियम लागू किए हैं?

‘नकली पनीर’ पर जोमैटो सख्त

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 31, 2026

Zomato News: जोमेटो ने अपने प्लैटफॉर्म पर एनालॉग डेयरी से तैयारी की गई डिश की बिक्री के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में उसकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी रहेगी। जिन रेस्टोरेंट में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल पाया जाएगा और नियमों का पालन नहीं किया जाएगा, उनकी लिस्टिंग प्लेटफॉर्म से हटाई जा सकती है।

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किन रेस्टोरेंट और डिश पर होगी कार्रवाई?

जानकारी के अनुसार, कुछ रेस्टोरेंट ने खुद अपनी डिश में एनालॉग डेयरी के इस्तेमाल की जानकारी दी थी। ऐसे रेस्टोरेंट की संबंधित डिश को प्लेटफॉर्म से तत्काल हटा दिया गया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम ग्राहकों की सुरक्षा, खाद्य सामग्री की पारदर्शिता और सही जानकारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

कंपनी ने रेस्टोरेंट पार्टनर्स को निर्देश दिया है कि वे अपनी डिश तैयार करने में वास्तविक डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करें। अगर किसी वजह से ऐसा संभव नहीं है, तो एनालॉग डेयरी से तैयार खाद्य पदार्थों को मेन्यू से हटाना होगा।

रेस्टोरेंट को करना होगा इन नियमों का पालन

जोमैटो ने अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स से सप्लायर द्वारा दिए जाने वाले प्रोडक्ट के लेबल और सामग्री की दोबारा जांच करने को कहा है। साथ ही मेन्यू में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की सही जानकारी देना जरूरी होगा। कंपनी के मुताबिक, ग्राहकों को यह पता होना चाहिए कि उन्हें जो डिश परोसी जा रही है, उसमें वास्तव में किस तरह की सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। नियमों की अनदेखी करने वाले रेस्टोरेंट पर कार्रवाई हो सकती है और उनकी जोमैटो लिस्टिंग तक हटाई जा सकती है।

क्या होता है एनालॉग डेयरी?

एनालॉग डेयरी उन खाद्य उत्पादों को कहा जाता है, जिनमें दूध से बनने वाले पारंपरिक डेयरी उत्पादों की जगह अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इनका स्वाद, बनावट और दिखावट कई बार असली डेयरी उत्पादों जैसी हो सकती है।

उदाहरण के लिए, एनालॉग पनीर में दूध की जगह वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। एनालॉग उत्पाद होना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है, लेकिन उसे ग्राहक को असली पनीर या डेयरी उत्पाद बताकर बेचना नियमों के खिलाफ हो सकता है। इसलिए उसकी सही पहचान और सामग्री की जानकारी देना जरूरी है।

एनालॉग पनीर को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

देश में पिछले कुछ समय से एनालॉग पनीर और अन्य एनालॉग डेयरी उत्पादों को लेकर बहस तेज हुई है। अप्रैल 2026 में FSSAI ने भी इस मुद्दे पर सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। इसमें स्पष्ट किया गया था कि नॉन-डेयरी सामग्री से तैयार एनालॉग या चीज एनालॉग को पनीर के नाम से बेचना नियमों का उल्लंघन है। FSSAI ने खाद्य कारोबारियों से कहा था कि ऐसे उत्पादों को मेन्यू और लेबल पर स्पष्ट रूप से नॉन-डेयरी या एनालॉग के रूप में बताया जाए।

इसी महीने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी एनालॉग पनीर को लेकर FSSAI तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस भेजकर इसके इस्तेमाल, पोषण, स्वास्थ्य प्रभाव और जांच प्रक्रिया से संबंधित जानकारी मांगी है।

जोमैटो पहले भी रह चुका है विवाद में

एनालॉग पनीर का मुद्दा जोमैटो से पहले भी जुड़ चुका है। पिछले साल अक्टूबर में सोशल मीडिया पर कंपनी की सप्लाई सेवा हाइपरप्योर के जरिए एनालॉग पनीर बेचे जाने की चर्चा सामने आई थी। इसके बाद कंपनी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब जोमैटो ने प्लेटफॉर्म पर एनालॉग डेयरी वाली डिश को लेकर सख्त नीति अपनाते हुए रेस्टोरेंट्स को सामग्री की सही जानकारी देने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

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