Zelensky-Fedorov Rift : रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के राजनीतिक और सैन्य मोर्चे पर चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही हैं। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हालिया मीडिया बातचीत में देश की आंतरिक राजनीति, पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव के साथ मतभेद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुए विवाद और पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलों की कमी को लेकर कई अहम बातें सामने रखीं। उन्होंने माना कि युद्ध के मैदान के अलावा यूक्रेन को घरेलू मोर्चे पर भी गंभीर दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
चुनाव कराने को लेकर जेलेंस्की ने दी बड़ी प्रतिक्रिया
पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को पिछले महीने पद से हटाए जाने के बाद यूक्रेन में राजनीतिक विवाद तेज हो गया था। फेडोरोव ने देश में राष्ट्रपति चुनाव कराने की मांग भी उठाई थी। इस पर जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध के मौजूदा हालात में चुनाव कराना बेहद जोखिम भरा होगा। उनके मुताबिक, भीषण युद्ध के बीच चुनाव कराने से देश में राजनीतिक विभाजन पैदा हो सकता है और यह स्थिति किसी बड़ी सुनामी जैसी साबित हो सकती है।
फेडोरोव के साथ रिश्तों पर भी बोले राष्ट्रपति
जेलेंस्की ने पूर्व रक्षा मंत्री के साथ अपने संबंधों को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि फेडोरोव के प्रति उनका रुख लंबे समय से सकारात्मक रहा है और दोनों ने साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया है। हालांकि, उनका मानना है कि फेडोरोव अब गलत दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने उन्हें सरकार में काम जारी रखने के लिए चार अलग-अलग विकल्प दिए थे, लेकिन उन्होंने सभी प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया।
स्टारलिंक विवाद ने बढ़ाई ट्रंप-जेलेंस्की की दूरी
जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और स्पेसएक्स के स्टारलिंक नेटवर्क से जुड़े एक विवाद का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने उन्हें जानकारी दी थी कि SpaceX ने रूस के भीतर दूर तक हमले करने के लिए यूक्रेन को स्टारलिंक तकनीक इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। जेलेंस्की ने इस मुद्दे को ट्रंप के सामने उठाया, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने एलन मस्क से इस दावे की पुष्टि की।
एलन मस्क ने किसी अनुमति से किया इनकार
जेलेंस्की के मुताबिक, एलन मस्क ने स्टारलिंक के ऐसे इस्तेमाल की किसी अनुमति से साफ इनकार किया। उन्होंने कथित तौर पर इस तरह की कार्रवाई को खतरनाक कदम बताया। इसके बाद ट्रंप ने जेलेंस्की पर उन्हें गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। जेलेंस्की ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की ओर से मिली गलत जानकारी इस पूरे विवाद की वजह बनी और इसी कारण उन्हें प्रशासनिक स्तर पर कड़ा फैसला लेना पड़ा।
पैट्रियट मिसाइलों की कमी बनी बड़ी चिंता
रूस के लगातार बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन के सामने एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर गंभीर चुनौती है। जेलेंस्की के अनुसार, देश के पास पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलों का भंडार तेजी से कम हो रहा है। उन्होंने बताया कि यूक्रेन को 2023 में 675 मिसाइलें मिली थीं, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर 364 रह गई। 2026 में करीब 264 मिसाइलें मिलने का अनुमान है।
सर्दियों से पहले 300 अतिरिक्त मिसाइलों की मांग
यूक्रेन आगामी सर्दियों में अपने शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को रूसी हमलों से बचाने के लिए पश्चिमी देशों से कम से कम 300 अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइलों की मांग कर रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय सहयोगी उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यूक्रेन अमेरिकी आपातकालीन भंडार से भी करीब 5 से 10 प्रतिशत मिसाइल खरीदने की तैयारी दिखा चुका है।
युद्धक्षेत्र से जेलेंस्की ने सुनाई राहत की खबर
राजनीतिक विवाद और हथियारों की कमी के बीच जेलेंस्की ने युद्धक्षेत्र को लेकर एक सकारात्मक दावा भी किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के बड़े हिस्से को रूसी कब्जे से वापस हासिल कर लिया है। उनके अनुसार अब केवल करीब 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ही रूसी सेना के नियंत्रण में बचा है।
साल के अंत तक स्थिति बराबर करने की उम्मीद
जेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि 2026 के अंत तक यूक्रेन इस साल गंवाए गए और दोबारा हासिल किए गए क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाने में सफल हो सकता है। हालांकि, इसके लिए सैन्य क्षमता, पश्चिमी हथियारों की आपूर्ति और एयर डिफेंस सिस्टम की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होगी। युद्ध जारी रहने के बीच जेलेंस्की के इन बयानों ने यूक्रेन की मौजूदा राजनीतिक और सैन्य स्थिति की जटिलता को सामने ला दिया है।
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