Yuvraj Mehta Case: नोएडा में इंजीनियर मौत पर हंगामा, राहुल गांधी नाराज, प्रशासन कार्रवाई तेज

नोएडा के सेक्टर-150 में एक गड्ढे में कार गिरने से इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। राहुल गांधी ने इसे 'जवाबदेही की कमी' करार देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। आखिर पुलिस और प्रशासन की वो कौन सी चूक थी जिसने एक जवान जान ले ली?

Yuvraj Mehta Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 20, 2026

Yuvraj Mehta Case: उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सेक्टर-150 स्थित एक निर्माणाधीन सोसायटी के बेसमेंट में पानी भर जाने के कारण युवा इंजीनियर युवराज की डूबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बेसमेंट में लंबे समय से पानी भरा हुआ था, लेकिन समय रहते न तो इसे खाली कराया गया और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए। इस हादसे ने एक बार फिर शहरी प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है।

घटना के बाद प्रशासन हरकत में, लगातार हो रही कार्रवाई

मामले के सार्वजनिक होते ही जिला प्रशासन और नोएडा अथॉरिटी पर दबाव बढ़ गया। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का दावा करते हुए संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की। हादसे के बाद शहर में आक्रोश का माहौल है और लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच जांच और दंडात्मक कार्रवाई का सिलसिला भी शुरू कर दिया गया है।

राहुल गांधी का तीखा हमला, जवाबदेही की कमी पर सवाल

इस घटना पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश में सड़कें, पुल, आग, पानी, प्रदूषण और भ्रष्टाचार—सब जान ले रहे हैं। राहुल गांधी के मुताबिक भारत में शहरों की बदहाली संसाधनों या तकनीक की कमी से नहीं, बल्कि जवाबदेही के अभाव से हो रही है। उन्होंने इसे “TINA—There Is No Accountability” बताते हुए व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया।

मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान, SIT गठित

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस गंभीर मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने ADG मेरठ जोन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

नोएडा अथॉरिटी में बड़ा फेरबदल, अधिकारी हटाए गए

हादसे के बाद नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया गया है। इससे पहले ट्रैफिक सेल में तैनात जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को भी बर्खास्त किया जा चुका है। इसके अलावा दो बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

स्थानीय लोगों के आरोप, शिकायतों को किया गया नजरअंदाज

सोसायटी के निवासियों का आरोप है कि उन्होंने बेसमेंट में बने खतरनाक गड्ढे और भरे पानी को लेकर कई बार नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि उन्होंने A-CEO सतीश पाल सिंह से भी व्यक्तिगत रूप से शिकायत की थी, परंतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

अधिकारियों पर पल्ला झाड़ने का आरोप, बदसलूकी के दावे

जब इस संबंध में A-CEO सतीश पाल सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें किसी शिकायत की जानकारी नहीं है। वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि शिकायत लेकर जाने पर उनके साथ बदसलूकी की गई। अब यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और संवेदनशीलता की बड़ी परीक्षा बन गया है।

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