योगी सरकार की डिजिटल पहल, 31 हजार से ज्यादा OBC युवा बन रहे तकनीकी रूप से दक्ष

योगी सरकार की डिजिटल पहल, 31 हजार से ज्यादा ओबीसी युवा बन रहे तकनीकी दक्ष निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण से युवाओं को मिल रहा रोजगारपरक कौशल बढ़ाने का अवसर ओ-लेवल में 24,240 और सीसीसी में 7,362 प्रशिक्षणार्थी ले रहे प्रशिक्षण नाइलिट से मान्यता प्राप्त संस्थानों के जरिए युवाओं को दी जा रही निःशुल्क तकनीकी शिक्षा लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और रोजगार के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की निशुल्क ओ-लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी युवक-युवतियों के लिए तकनीकी

Wrriten By :

Editor

Published On :

सितम्बर 3, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

योगी सरकार की डिजिटल पहल, 31 हजार से ज्यादा ओबीसी युवा बन रहे तकनीकी दक्ष

निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण से युवाओं को मिल रहा रोजगारपरक कौशल बढ़ाने का अवसर

ओ-लेवल में 24,240 और सीसीसी में 7,362 प्रशिक्षणार्थी ले रहे प्रशिक्षण

नाइलिट से मान्यता प्राप्त संस्थानों के जरिए युवाओं को दी जा रही निःशुल्क तकनीकी शिक्षा

लखनऊ, 
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और रोजगार के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की निशुल्क ओ-लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी युवक-युवतियों के लिए तकनीकी शिक्षा का प्रभावी माध्यम बन गई है। योजना के तहत इस वर्ष 31 हजार से ज्यादा प्रशिक्षणार्थी कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार की इस पहल से युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और रोजगारपरक कौशल हासिल करने का अवसर मिल रहा है। 

70 हजार से ज्यादा आये थे आवेदन

वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष 31,602 प्रशिक्षणार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। जिसमें सबसे ज्यादा ओ-लेवल में 24,240 और सीसीसी में 7,362 प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। 11 अगस्त से प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें सबसे अधिक आवेदन ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए आये थे। 

योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी युवाओं को बिना किसी शुल्क के आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिल रही है। योजना का लाभ उन ओबीसी अभ्यर्थियों को दिया जा रहा है, जिन्होंने इंटरमीडिएट या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त की है। इसके साथ ही इनके अभिभावकों की वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम है।

338 प्रशिक्षण संस्थानों का मजबूत नेटवर्क

प्रशिक्षण भारत सरकार के राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 338 प्रशिक्षण संस्थान योजना से जुड़े हैं। इनमें 63 संस्थान केवल ओ-लेवल, 39 सीसीसी और 236 संस्थान दोनों पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। इससे प्रदेश के अधिकांश जिलों में युवाओं को अपने नजदीक ही कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करने की सुविधा मिल रही है। सरकार की ओर से ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 15 हजार रुपये और सीसीसी के लिए 3,500 रुपये तक का भुगतान किया जाता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं पर प्रशिक्षण का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।

डिजिटल शिक्षा से रोजगार की ओर बढ़ रहे युवा

योगी सरकार की यह पहल तकनीकी शिक्षा को गांव और कस्बों तक पहुंचाने के साथ युवाओं को बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण, व्यापक संस्थागत नेटवर्क और बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी इस योजना को रोजगारोन्मुखी शिक्षा की दिशा में सरकार की एक सराहनीय पहल बना रही है।

युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि इस वर्ष 31 हजार से अधिक प्रशिक्षणार्थी योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल ज्ञान और रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के लिए 338 संस्थानों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को उनके नजदीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण की सुविधा मिल सके।

2