UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की प्रतिभा को पहचान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए नई पहल करने जा रही है। योगी सरकार की प्रतिभा सम्मान योजना के तहत पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी सार्वजनिक मंच पर सम्मानित किया जाएगा।
1,31,918 परिषदीय विद्यालयों में होगा प्रतिभा सम्मान समारोह

बताते चले कि, वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट के तहत प्रदेश के 1,31,918 परिषदीय विद्यालयों में वार्षिकोत्सव के दौरान पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम 15 फरवरी 2027 से 15 मार्च 2027 के बीच होंगे। समारोह में ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के सदस्यों, अभिभावकों और अन्य संबंधित लोगों को आमंत्रित किया जाएगा।
मेधावी और प्रतिभावान विद्यार्थियों को मिलेगा पुरस्कार
आपको बता दे कि, विद्यालय स्तर पर प्रत्येक कक्षा से विगत परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक छात्र और एक छात्रा को पुरस्कृत किया जाएगा। इसी तरह प्रत्येक कक्षा में सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले एक छात्र और एक छात्रा को भी सम्मानित किया जाएगा। खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कार दिया जाएगा।
नियमित उपस्थिति और मेहनत को भी मिलेगा प्रोत्साहन
परिषदीय विद्यालयों में प्रतिभा प्रोत्साहन के तहत केवल विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया जाएगा। ऐसे अभिभावक, जिनके बच्चों ने विगत परीक्षा में सर्वाधिक अंक हासिल किए हों या विद्यालय में सबसे अधिक दिन उपस्थित रहे हों, सम्मान के पात्र होंगे। विद्यालय की गतिविधियों और कार्यक्रमों में सहयोग करने वाले विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को भी सम्मानित किया जाएगा।
पुरस्कार में बच्चों के काम आने वाली सामग्री
पुरस्कार के लिए बच्चों के उपयोग में आने वाली सामग्री को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें लंच बॉक्स, पानी की बोतल, ड्राइंग नोटबुक, कंपास, वाटर कलर, स्टेशनरी, ज्योमैट्रिक बॉक्स, पेंसिल, रबर, कटर, स्केल और पेन जैसी सामग्री शामिल हो सकती है। इसके अलावा कहानी की किताबें और महापुरुषों के जीवन चरित्र पर आधारित पुस्तकें भी पुरस्कार के रूप में दी जा सकेंगी।
अभिभावकों और SMC सदस्यों को भी मिलेगा सम्मान
अभिभावकों को सम्मानित करने के लिए शॉल, मोमेंटो और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हरित पौधों का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं समारोह में मौजूद अन्य छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाने के लिए यथासंभव टॉफी, चॉकलेट और रचनात्मक सामग्री का वितरण भी किया जा सकेगा।
स्कूल से राज्य स्तर तक होगी कार्यक्रम की निगरानी
पुरस्कार वितरण समारोह के सफल आयोजन के लिए स्कूल स्तर से लेकर राज्य स्तर तक अनुश्रवण की व्यवस्था की गई है। डायट द्वारा कम से कम दो ब्लॉक के चार विद्यालयों में कार्यक्रम की निगरानी की जाएगी। सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भी चयनित विद्यालयों में कार्यक्रम का अनुश्रवण करेंगे। इसके अलावा SRG, ARG, खंड शिक्षा अधिकारी और ARP को भी निर्धारित संख्या में विद्यालयों में कार्यक्रम की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
बच्चों में बढ़ेगा आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का जज्बा

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि सरकार बच्चों की प्रतिभा को पहचान देने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पढ़ाई के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक और अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों का सम्मान उनके आत्मविश्वास को मजबूत करेगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश मोनिका रानी ने कहा कि उपलब्धियों का सम्मान बच्चों में सीखने और बेहतर करने की प्रेरणा बढ़ाता है। सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे की प्रतिभा को पहचान मिले और उसे आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराया जाए।










