Yogi Adityanath Warning: उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। हाल ही में एनकाउंटर के मुद्दे पर हाई कोर्ट की टिप्पणियों के बीच, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग है। उन्होंने सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाते हुए साफ कहा कि अपराधियों से उनकी ही भाषा में निपटना समय की मांग है।
जीरो टॉलरेंस: अपनों और परायों के लिए एक ही कानून
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय की व्यवस्था में ‘अपना’ और ‘पराया’ जैसा कोई भेदभाव नहीं हो सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि शासन-प्रशासन से जुड़ा कोई व्यक्ति भी गलत काम करता है, तो उसके खिलाफ भी वही सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो किसी माफिया या दुर्दांत अपराधी के विरुद्ध होती है। सीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार की हर कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई है और इसका उद्देश्य समाज में सुरक्षा का भाव पैदा करना है।
कानून की भाषा और तात्कालिक परिस्थितियां
पुलिस मुठभेड़ों पर होने वाली आलोचनाओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अपराधी कानून से भयभीत नहीं होता, तो उसे कानून की भाषा समझाना अनिवार्य हो जाता है। उन्होंने तार्किक सवाल उठाते हुए कहा, “कई बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। अब पुलिस गोली न मारे तो क्या खाए?” उन्होंने आगे कहा कि यदि अपराधियों के पास गोलियां चलाने की स्वतंत्रता है, तो पुलिस को पिस्तौल इसलिए दी गई है ताकि वह उनका डटकर सामना कर सके। आत्मरक्षा और शांति बहाली के लिए पुलिस को अपराधी की भाषा में ही जवाब देना पड़ता है।
2012-2017 का दौर: दंगों और ‘गुंडा टैक्स’ की याद
पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 900 से अधिक दंगे हुए थे। उस समय शायद ही कोई शहर ऐसा बचा था जहां कर्फ्यू न लगा हो। उन्होंने उद्योगपतियों और डॉक्टरों के दर्द को साझा करते हुए कहा कि उस दौर में बिना ‘गुंडा टैक्स’ दिए व्यापार करना असंभव था। ऐसी अराजकता के माहौल में जब प्रधानमंत्री ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी, तो सबसे बड़ी चुनौती जनता और निवेशकों के भीतर विश्वास बहाली की थी, जिसे कड़े फैसलों से पूरा किया गया।
बदलता उत्तर प्रदेश: निवेश का नया डेस्टिनेशन
मुख्यमंत्री ने पिछले 9 वर्षों के सकारात्मक बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब कोई भी अराजकता फैलाने, फिरौती मांगने या शांति भंग करने का दुस्साहस नहीं करता। जबरन वसूली और दंगों का दौर अब इतिहास बन चुका है। इसी सुरक्षित माहौल के कारण उत्तर प्रदेश आज दुनिया भर के निवेशकों के लिए पहली पसंद बन गया है। कानून का राज स्थापित होने से ही विकास की राह आसान हुई है और प्रदेश आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
पुलिस का मनोबल और लोकतांत्रिक मर्यादा
संबोधन के अंत में उन्होंने दोहराया कि सुरक्षा और विकास एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने पुलिस को निर्देशित किया कि वे निर्दोषों की रक्षा करें और अपराधियों के मन में खौफ पैदा करें। सीएम ने स्पष्ट किया कि पुलिस को गोली खाने के लिए नहीं, बल्कि समाज की रक्षा के लिए हथियार दिए गए हैं। जब तक अपराधी समाज के लिए खतरा बना रहेगा, तब तक सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति बिना किसी समझौते के लागू रहेगी।










