UP News: यूपी बनेगा ‘स्किल हब’? सीएम योगी ने लॉन्च किया ‘कौशल सारथी’, युवाओं के लिए नई उम्मीदें

विश्व युवा कौशल दिवस-2026 पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 'कौशल सारथी' और 'कौशल सेतु' मॉड्यूल लॉन्च किए। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर जिले में स्किलिंग सेंटर खोलने और यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए प्रदेश में रोजगार के नए युग की शुरुआत की बात कही।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 15, 2026

UP News:  बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘विश्व युवा कौशल दिवस-2026’ के उपलक्ष्य में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग द्वारा एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘कौशल सारथी’ और ‘कौशल सेतु’ मॉड्यूल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही ‘कौशलम पुस्तिका’ का विमोचन और कई प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

प्रदेश के 21 ऐसे युवा आइकॉन्स को किया सम्मानित

इस प्रेरणादायी अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 21 ऐसे युवा आइकॉन्स को सम्मानित किया, जिन्होंने अपने कौशल के दम पर न केवल उच्च वेतन वाली नौकरियां हासिल की हैं, बल्कि कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मिसाल पेश की है। कार्यक्रम के दौरान श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राजकीय आईटीआई, विभिन्न प्रशिक्षण प्रदाताओं और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एजेंसियों के प्रतिनिधियों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया, ताकि अन्य युवाओं को भी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।

‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ की नई राह

प्रदेश के कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश और मुख्यमंत्री योगी का कार्य मॉडल पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते दायरे ने युवाओं के लिए संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। सरकार ‘स्किल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ के विजन के साथ इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर रही है। अब तक 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है और 10 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है।

2017 से पहले की बदहाली पर सीएम का प्रहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 2017 से पूर्व की सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रदेश के लिए सबसे बड़ा ‘अपशगुन’ थीं, जहाँ न शिक्षा की गुणवत्ता थी और न ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर। उन्होंने पिछली सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उस समय ‘चाचा-भतीजे’ की जोड़ी केवल वसूली में जुटी रहती थी, जिसके कारण युवाओं को पहचान का संकट झेलना पड़ता था। आज स्थिति पूरी तरह बदली है और हर युवा के पास सम्मान और रोजगार के अवसर हैं।

‘आम के आम और गुठली के दाम’ वाली विकास नीति

सीएम योगी ने लखनऊ में DRDO सेंटर की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी नीति स्पष्ट है—युवाओं को उनके घर के पास ही रोजगार मिले। DRDO सेंटर के माध्यम से 500 से अधिक युवाओं को स्थानीय स्तर पर नौकरी मिली है, जिससे राज्य सरकार को जीएसटी के रूप में राजस्व भी प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने ‘1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि हर जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर स्किलिंग सेंटर खोले जाएंगे और विदेश में रोजगार चाहने वाले युवाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।