
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी आज यानी 4 नवंबर को गोरखपुर में एक बड़ी पदयात्रा निकालने जा रही है। इस पदयात्रा का नाम ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ रखा गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे।
पार्टी इस पदयात्रा के जरिए कांग्रेस और इंडी गठबंधन को घेरने की तैयारी में है। वहीं, सीएम योगी ने भी इस कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया के जरिए विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में लगातार हार मिलने से विपक्षी दल हताश हो गए हैं और अब अराजकता की राजनीति कर रहे हैं।
कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर योगी का हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस और इंडी गठबंधन की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनावों में हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस और इंडी गठबंधन की हताशा अब अराजकता की राजनीति में बदल गई है।
सीएम योगी ने विपक्षी दलों के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इनके नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी यानी स्पष्ट सोच, कैपेसिटी यानी क्षमता और क्रेडिबिलिटी यानी विश्वसनीयता की कमी है। योगी के मुताबिक, जनादेश का अनादर करना भी इसी सोच का नतीजा है।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। बीजेपी लगातार विपक्ष को घेरने के लिए अलग-अलग मुद्दों पर हमलावर नजर आ रही है।
पीएम मोदी के नेतृत्व का किया जिक्र
सीएम योगी ने अपने पोस्ट में यह भी साफ किया कि वह गोरखपुर में होने वाली पदयात्रा में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि अराजकता के खिलाफ लोगों को जागरूक करना और लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा करना इस कार्यक्रम का मकसद है।योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी अगुवाई में बीजेपी भारत के महान लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनादेश के सम्मान को लेकर गंभीर है।
UP Election 2027 से पहले बीजेपी की तैयारी
बीजेपी की इस पदयात्रा को सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी देखा जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से पहले जनता के बीच अपनी बात मजबूती से रखी जाए और विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक माहौल तैयार किया जाए।
बीजेपी का कहना है कि इस पदयात्रा के जरिए लोगों को लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने का संदेश दिया जाएगा। पार्टी इसे विपक्ष की कथित अराजक राजनीति के खिलाफ जनजागरण अभियान के तौर पर पेश कर रही है।
पदयात्रा के बाद नितिन नवीन करेंगे बैठक
गोरखपुर में पदयात्रा पूरी होने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पार्टी संगठन के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी करेंगे। इस बैठक को संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, गोरखपुर की यह पदयात्रा उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर हमलावर हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी 2027 के चुनाव से पहले संगठन और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है। अब देखना होगा कि बीजेपी का यह अभियान आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीति में कितना असर डालता है।











