Uttar Pradesh Politics : अयोध्या पर योगी का अखिलेश पर कटाक्ष, रामभक्तों पर गोली चलाने वाले अब अयोध्या की बात न करें

उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा कटाक्ष किया है। योगी ने रामभक्तों पर कथित बयान को लेकर विपक्ष पर हमला बोला, जिससे सियासी माहौल और तेज हो गया है। आखिर इस बयानबाजी के पीछे क्या राजनीतिक संदेश छिपा है, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Uttar Pradesh Politics

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 28, 2026

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Uttar Pradesh Politics : हाथरस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के अयोध्या संबंधी बयानों पर कड़ा पलटवार किया है। अखिलेश यादव द्वारा हाल ही में अयोध्या को एक अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने के संकल्प पर तंज कसते हुए सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का इतिहास रामभक्तों पर गोलियां चलाने का रहा है। उन्होंने अखिलेश यादव को उनके अतीत की याद दिलाते हुए कहा कि जिस पार्टी ने सत्ता में रहते हुए कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई और थानों व जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर पाबंदी लगाई, आज उन्हें अयोध्या को संवारने की बात शोभा नहीं देती। मुख्यमंत्री ने अखिलेश को नसीहत दी कि उन्हें अपने पुराने कृत्यों के लिए पश्चाताप करना चाहिए और रामलला के दर्शन करने चाहिए, जिससे उन्हें ‘सद्बुद्धि’ प्राप्त हो सके।

‘कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल’ बनाम ‘मंदिरों का जीर्णोद्धार’

सीएम योगी ने प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या त्रेता युग की याद दिला रही है और यह सब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और रामभक्तों के परिश्रम का परिणाम है। योगी ने दावा किया कि उनके शासनकाल में मंदिरों के सुंदरीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है, जबकि सपा सरकार के समय में सरकारी खजाने का पैसा केवल ‘कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल’ बनाने में खर्च किया जाता था। उन्होंने हाथरस का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 22 से अधिक मंदिरों का कायाकल्प किया गया है, जो सपा सरकार के कार्यकाल में कभी संभव नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी की मोहताज नहीं है।

मथुरा-वृंदावन पर अखिलेश की चुप्पी पर सवाल

मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे खुद को सच में धार्मिक मानते हैं, तो उन्हें मथुरा-वृंदावन और भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि के सम्मान पर भी खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए। योगी ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें इतनी हिम्मत नहीं है क्योंकि उनका एकमात्र एजेंडा केवल ‘मौलवियों और मुल्लाओं’ के सामने घुटने टेकना है। उन्होंने सपा प्रमुख को सलाह दी कि वे विकास कार्यों पर धूल डालने का प्रयास न करें। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि अयोध्या को सजाने-संवारने का काम रामभक्त पहले ही कर चुके हैं, इसलिए अखिलेश को अब मथुरा की ओर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

क्या था अखिलेश यादव का अयोध्या के लिए संकल्प?

गौरतलब है कि इससे पहले अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अयोध्या को लेकर एक विजन साझा किया था। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर वे अयोध्या को एक ऐसी धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहां दुनियाभर से आने वाले श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता महसूस कर सकें। अखिलेश ने इसे ‘सियाराम-धाम’ के रूप में पुनर्स्थापित करने और अयोध्यावासियों के परंपरागत गौरव को वापस लौटाने का वादा किया था। इसी बयान के बाद से यूपी की राजनीति में अयोध्या को लेकर बयानों का दौर तेज हो गया है, जिसमें अब भाजपा और सपा आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

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