UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा देने और ग्राम पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करने के लिए नई पहल शुरू की है। पंचायती राज विभाग ने ‘मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार’ योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत प्रदेश की 10 ऐसी ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा, जिन्होंने किसी खास क्षेत्र में बेहतर और प्रभावी काम करके मिसाल कायम की है।
सरकार की इस पहल के तहत चयनित 10 ग्राम पंचायतों को कुल 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। यानी प्रत्येक चयनित पंचायत को उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आर्थिक पुरस्कार मिलेगा। योजना का मकसद केवल पुरस्कार देना नहीं, बल्कि गांवों में विकास और नवाचार के नए मॉडल तैयार करना भी है।
यूपी ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना में पहली बार जुड़ा विशेष पुरस्कार

बताते चले कि, मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना पिछले करीब नौ वर्षों से प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है। मौजूदा व्यवस्था के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले से पांच ग्राम पंचायतों का चयन किया जाता है। इस तरह कुल 375 ग्राम पंचायतों को उनके बेहतर कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जाता है।
अब इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने पहली बार मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार की शुरुआत की है। इस श्रेणी में पूरे उत्तर प्रदेश से सिर्फ 10 ग्राम पंचायतों को चुना जाएगा। इन पंचायतों का चयन उनके किसी विशेष क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य और उपलब्धियों के आधार पर किया जाएगा।
10 अलग-अलग श्रेणियों में होगा ग्राम पंचायतों का चयन
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह के अनुसार, निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली इच्छुक ग्राम पंचायतें इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकती हैं। पंचायतों को अपने क्षेत्र में किए गए प्रभावी कार्यों और उपलब्धियों के आधार पर आवेदन करना होगा।
स्वच्छता, पर्यावरण और डिजिटल सेवाओं पर खास फोकस

मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार के लिए ग्राम पंचायतों का चयन 10 प्रमुख श्रेणियों में किया जाएगा। इनमें घर-घर कचरा संग्रह करने वाली पंचायत, तरल अपशिष्ट प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायत और अपनी आय यानी OSR सृजित करने वाली पंचायत शामिल हैं। इसके अलावा प्लास्टिक मुक्त पंचायत, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में बेहतर काम, CSC के जरिए सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने वाली पंचायत और पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को भी मौका मिलेगा।
महिला नेतृत्व और जैविक खेती को भी मिलेगा महत्व

योजना में ‘मेरा तालाब मेरी योजना’ के तहत बेहतर काम करने वाली ग्राम पंचायत, महिला नेतृत्व एवं सहभागिता में उत्कृष्ट पंचायत और आधार केंद्रों के जरिए नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराने वाली पंचायत भी चयन प्रक्रिया में शामिल होंगी। वहीं सबसे अधिक जैविक कृषि करने वाली ग्राम पंचायत को भी विशेष पुरस्कार की श्रेणी में रखा गया है।
15 से 30 सितंबर तक कर सकेंगी पंचायतें ऑनलाइन आवेदन
पात्र ग्राम पंचायतें 15 सितंबर से 30 सितंबर तक मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल cmawards.upprd.in निर्धारित किया है।आवेदन के दौरान पंचायतों को अपने क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों, उपलब्धियों और संबंधित श्रेणी में प्रदर्शन की जानकारी देनी होगी। चयन के दौरान पंचायत के वास्तविक कार्य और संबंधित क्षेत्र में उसके प्रदर्शन को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर गांवों को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार के जरिए ग्राम पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। पंचायतें केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित न रहकर स्वच्छता, डिजिटल सेवाओं, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय आय और टिकाऊ कृषि जैसे क्षेत्रों में नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित होंगी।

इस पहल के जरिए सरकार ऐसे गांवों को पहचान देने की कोशिश कर रही है, जो अपने स्तर पर नवाचार, सुशासन और आत्मनिर्भरता के बेहतर मॉडल तैयार कर रहे हैं। उम्मीद है कि पुरस्कार की प्रतिस्पर्धा से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ेगी और प्रदेश के गांवों को अधिक स्वच्छ, डिजिटल, सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।










