Dope Test: बैन होंगे यशस्वी-शेफाली? डोप टेस्ट मिस करने पर NADA ने थमाया नोटिस

आईपीएल 2026 के रोमांच के बीच यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा डोपिंग विवाद में फंस गए हैं। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी अपने बताए गए पते पर डोप टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं थे। 'व्हेयरअबाउट क्लॉज' का उल्लंघन करने पर नाडा ने उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा है और इसकी सूचना BCCI व ICC को दे दी गई है।

Dope Test

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 9, 2026

Dope Test: आईपीएल 2026 के जबरदस्त एक्शन के बीच भारतीय क्रिकेट के गलियारों से एक विवादित खबर सामने आई है। टीम इंडिया के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल, जो वर्तमान में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे हैं, और महिला टीम की विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा के खिलाफ डोप टेस्ट को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज की गई है। एक हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ये दोनों खिलाड़ी नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) के डोप टेस्ट के लिए अपने बताए गए स्थान पर उपलब्ध नहीं थे। इस लापरवाही के बाद एजेंसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों को नोटिस जारी किया है और इसकी आधिकारिक जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को भी दे दी गई है।

कैसे फंसे दोनों खिलाड़ी ?

बताते चले कि, यह पूरा विवाद नाडा के ‘रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल’ (RTP) के नियमों से जुड़ा है। यशस्वी और शेफाली दोनों ही इस विशिष्ट पूल का हिस्सा हैं, जिसमें शामिल खिलाड़ियों को पूरे साल की एडवांस जानकारी देनी होती है कि वे किस समय और किस स्थान पर मौजूद रहेंगे। इसे तकनीकी भाषा में ‘व्हेयरअबाउट क्लॉज’ कहा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 17 दिसंबर को जब डोप कंट्रोल ऑफिसर यशस्वी का टेस्ट लेने पहुंचे, तो वे वहां नहीं मिले। इसी तरह 7 नवंबर को शेफाली वर्मा भी अपने बताए गए ठिकाने से नदारद थी। स्थान पर मौजूद न होने के कारण अधिकारी टेस्ट नहीं ले पाए, जिसे नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है।

नोटिस का जवाब न देना पड़ा भारी

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, खिलाड़ियों की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब उन्होंने नाडा द्वारा भेजे गए शुरुआती नोटिस की अनदेखी की। एजेंसी ने यशस्वी और शेफाली को क्रमशः 18 और 20 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का समय दिया था, लेकिन दोनों ही स्टार क्रिकेटर्स ने निर्धारित समय सीमा में कोई सफाई पेश नहीं की। इसके परिणामस्वरूप, नाडा ने इसे ‘व्हेयरअबाउट फेलियर’ श्रेणी के तहत ‘मिस टेस्ट’ (Missed Test) के रूप में दर्ज कर लिया है। अब एजेंसी ने अंतिम चेतावनी देते हुए दोनों खिलाड़ियों को 7 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया है। यह मामला अब वाडा (WADA) के प्रोटोकॉल के तहत बीसीसीआई और आईसीसी की निगरानी में आ गया है।

क्या कहता है एंटी-डोपिंग अनुशासन कानून?

इस विवाद के सामने आने के बाद प्रशंसकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन दोनों खिलाड़ियों पर तुरंत कोई प्रतिबंध लगेगा? नियमों के अनुसार, फिलहाल इन पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि यह उनका पहला ‘मिस टेस्ट’ है। RTP नियमों के तहत खिलाड़ियों को 12 महीने के भीतर 3 मौके दिए जाते हैं। यदि कोई खिलाड़ी एक साल के अंदर तीन बार टेस्ट से चूक जाता है, तभी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है। हालांकि, यदि यशस्वी और शेफाली नाडा को दिए अपने जवाब से संतुष्ट नहीं कर पाते हैं और आगे भी ऐसी गलती दोहराते हैं, तो उन पर 2 साल तक का कड़ा प्रतिबंध लग सकता है, जो उनके करियर के लिए बेहद घातक साबित होगा।