RCB Controversy : भारतीय क्रिकेट जगत और विशेष रूप से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी और असहज करने वाली खबर सामने आई है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज यश दयाल पर एक नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने और शादी का झांसा देकर लंबे समय तक दुष्कर्म करने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। इन विस्फोटक आरोपों ने न केवल खिलाड़ी के करियर पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, बल्कि आरसीबी प्रबंधन को भी रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया है। एक तरफ विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम प्लेऑफ और क्वालीफायर की तैयारी में जुटी है, वहीं दूसरी ओर यश दयाल के बयानों ने टीम के भीतर के तालमेल और पारदर्शिता पर सवाल उठा दिए हैं।
गंभीर धाराओं में FIR
यश दयाल पर लगे आरोप केवल पेशेवर नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक श्रेणी के हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक नाबालिग के साथ न केवल यौन दुर्व्यवहार किया, बल्कि शादी का झूठा वादा करके पिछले पांच वर्षों तक उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया। फिलहाल उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज है और कानूनी जांच जारी है। इसी गहमागहमी के बीच खबर आई कि यश दयाल ने गुपचुप तरीके से शादी रचा ली है। इन कानूनी विवादों और व्यक्तिगत जीवन में आए बदलावों के कारण वे पिछले काफी समय से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के मैदान से दूर रहे हैं।
मो बोबट का दावा बनाम दयाल का सच
क्रिकेट गलियारों में इस बात को लेकर काफी चर्चा थी कि क्या आरसीबी एक ऐसे खिलाड़ी को मैदान पर उतारेगी जिस पर इतने संगीन इल्जाम हैं। इस मुद्दे पर टीम के निदेशक मो बोबट ने पहले कहा था कि यश दयाल ‘निजी कारणों’ की वजह से इस साल आईपीएल का हिस्सा नहीं होंगे। हालांकि, जैसे ही आरसीबी ने प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की की, यश दयाल ने एक पॉडकास्ट में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सनसनी मचा दी। उन्होंने सीधे तौर पर बोबट के दावों को खारिज करते हुए संकेत दिया कि प्रबंधन ने उनके खेलने के मुद्दे पर सच नहीं बोला।
पॉडकास्ट में छलका दर्द
यश दयाल ने एक पॉडकास्ट के दौरान अपने मन की कड़वाहट साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें आरसीबी की जर्सी से बेहद लगाव है और वे पूरे दिल से खेलना चाहते थे। दयाल ने दावा किया कि उनका नाम रिटेंशन लिस्ट में होने और टीम द्वारा कोई रिप्लेसमेंट न लेने के बावजूद उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “मुझसे कहा गया कि निजी कारणों से मैं नहीं खेल रहा हूँ, जबकि ऐसा नहीं था। यह फैसला अधिकारियों का था। मुझे नहीं पता कि मुझे क्यों ड्रॉप किया गया, जबकि मैं टीम के लिए फिट और तैयार था।” उनके इस बयान ने आरसीबी की आंतरिक राजनीति को उजागर कर दिया है।
फैंस के बीच चर्चा और भविष्य की चुनौतियां
शुरुआत में आरसीबी प्रबंधन ने कहा था कि वे हर परिस्थिति में अपने स्टार खिलाड़ी के साथ खड़े रहेंगे। लेकिन धरातल पर जो स्थिति दिखी, वह इसके विपरीत थी। दयाल का कहना है कि उन्हें टीम की बहुत याद आती है, लेकिन टीम को उनकी याद है या नहीं, यह फैंस को तय करना चाहिए। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या आरसीबी प्लेऑफ जैसे महत्वपूर्ण मैचों से पहले इस विवाद को सुलझा पाएगी? कानूनी जांच और खिलाड़ी के बयानों के बीच फंसी आरसीबी के लिए यह क्वालीफायर मैच खेल के साथ-साथ साख बचाने की भी जंग बन गया है।
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