Xi Jinping Health: शी जिनपिंग को दो बार हार्ट अटैक? तिब्बत के पूर्व PM ने किया दावा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर नया दावा सामने आया है। तिब्बत की निर्वासित सरकार के पूर्व प्रमुख लोबसांग सांगेय ने एक वरिष्ठ पूर्व चीनी अधिकारी के हवाले से कम से कम दो हार्ट अटैक की बात कही। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Xi Jinping Health

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 4, 2026

Xi Jinping Health : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर एक नया दावा सामने आया है। तिब्बत की निर्वासित सरकार के पूर्व प्रमुख लोबसांग सांगे ने दावा किया है कि शी को कम से कम दो बार और संभवतः तीन बार हार्ट अटैक आया है। सांगे के मुताबिक, यह जानकारी उन्हें चीन के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी से मिली, जिनके साथ उनकी एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई थी।

ANI पॉडकास्ट में सांगे ने किया दावा

यह दावा 3 सितंबर को पत्रकार स्मिता प्रकाश के साथ एएनआई पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सामने आया। सांगे ने शी जिनपिंग की चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पर पकड़, शीर्ष सैन्य अधिकारियों को हटाए जाने और संभावित उत्तराधिकार संकट जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। हालांकि, अब तक ऐसा कोई स्वतंत्र प्रमाण या आधिकारिक मेडिकल रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, जिससे शी को हार्ट अटैक आने की पुष्टि हो सके।

सोशल मीडिया पोस्ट से भी उठे स्वास्थ्य पर सवाल

चाइना डेमोक्रेसी पार्टी के चेयरमैन वानजुन शी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में शी जिनपिंग के स्वास्थ्य को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि 30 अगस्त को बिश्केक पहुंचने के दौरान चीनी राष्ट्रपति अस्वस्थ दिखाई दे रहे थे। पोस्ट में उनके चेहरे पर सूजन, रंग में बदलाव और चलने में परेशानी का दावा किया गया। हालांकि, इन टिप्पणियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

चलने के तरीके को लेकर भी किया गया दावा

वानजुन शी के अनुसार, शी जिनपिंग को विमान से उतरते समय कथित तौर पर कठिनाई हुई और उन्हें अपनी पत्नी पेंग लियुआन के सहारे की आवश्यकता पड़ी। उन्होंने इन दृश्यों को हाल में सामने आई उन अफवाहों से जोड़ने की कोशिश की, जिनमें शी को स्ट्रोक आने और अस्पताल ले जाए जाने का दावा किया गया था। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र चिकित्सीय प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

सांगे ने मानसिक स्थिति पर भी उठाए सवाल

लोबसांग सांगे ने शी जिनपिंग के हालिया सार्वजनिक कार्यक्रमों और उनके व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि चीन के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें राष्ट्रपति के दो हार्ट अटैक के बारे में बताया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि शी अत्यधिक दबाव में हैं और इसका असर उनकी सेहत तथा निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ सकता है।

‘मेंटल फॉग’ के दावे की भी चर्चा

सांगे ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि शी जिनपिंग कथित तौर पर ‘मेंटल फॉग’ जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने इसे चीन की सेना में वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई से जोड़ने की कोशिश की। हालांकि, इन बातों की पुष्टि किसी स्वतंत्र स्रोत या चिकित्सीय दस्तावेज से नहीं हुई है। इसलिए इन्हें प्रमाणित तथ्य के बजाय अपुष्ट दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

शी के उत्तराधिकारी को लेकर बढ़ी चर्चा

सांगे ने शी जिनपिंग के संभावित उत्तराधिकारी के सवाल को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इसके लिए ‘सम्राट की दुविधा’ की अवधारणा का इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, किसी ताकतवर नेता द्वारा उत्तराधिकारी घोषित करने से भविष्य में सत्ता को चुनौती देने वाला प्रतिद्वंद्वी तैयार हो सकता है। वहीं, उत्तराधिकारी तय नहीं करने पर नेतृत्व परिवर्तन के समय राजनीतिक अनिश्चितता और सत्ता संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है।

कौन हैं लोबसांग सांगे?

लोबसांग सांगे ने 2011 से 2021 तक सेंट्रल तिब्बती एडमिनिस्ट्रेशन के निर्वाचित सिक्योंग के रूप में काम किया। धर्मशाला स्थित यह प्रशासन निर्वासन में रहने वाले तिब्बतियों का प्रतिनिधित्व करता है। वर्तमान में सांगे हार्वर्ड लॉ स्कूल के ईस्ट एशियन लीगल स्टडीज कार्यक्रम में सीनियर विजिटिंग फेलो हैं।

दावों को लेकर बरतनी होगी सावधानी

शी जिनपिंग की सेहत से संबंधित इन दावों का मूल्यांकन करते समय सांगे की राजनीतिक पृष्ठभूमि को भी ध्यान में रखना जरूरी है। वह लंबे समय से तिब्बत को लेकर चीन की नीतियों के आलोचक रहे हैं। फिलहाल शी के कथित हार्ट अटैक, स्ट्रोक या मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को पुष्ट खबर के बजाय अप्रमाणित जानकारी के तौर पर देखना उचित होगा।

Read More :  Delhi Rain: दिल्ली-NCR में बारिश का कहर, एयरपोर्ट के बाहर भरा पानी