World War 3 Alert: मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुका है और ईरान इस वक्त दुनिया के सबसे संवेदनशील केंद्र में है। एक तरफ अमेरिका के साथ शांति वार्ताओं के विफल होने के संकेत मिल रहे हैं, तो दूसरी ओर इजरायल ने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को जड़ से खत्म करने की कसम खा ली है। हालात इतने खराब हैं कि अमेरिका किसी भी वक्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है। वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वाशिंगटन को स्पष्ट संदेश भेज दिया है कि यदि अमेरिका उनके साथ नहीं आता, तो भी इजरायल अकेले ईरान पर घातक हमला करने से पीछे नहीं हटेगा।
ईरान में अभूतपूर्व ‘सिक्योरिटी लॉकडाउन’: सड़कों पर टैंक और चौकियां
इजरायल और अमेरिका की दोहरी धमकियों के बीच ईरान ने अपनी रक्षा पंक्ति को बेहद कड़ा कर दिया है। पूरे देश में राष्ट्रव्यापी सुरक्षा घेरा (Security Lockdown) लागू कर दिया गया है। राजधानी तेहरान से लेकर जाहेदान तक, सड़कों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की यूनिट्स, सैन्य वाहन और बख्तरबंद गाड़ियां गश्त कर रही हैं। ईरान सरकार ने विद्रोह और तख्तापलट की आशंकाओं के मद्देनजर रणनीतिक चौकियों को फिर से सक्रिय कर दिया है। मस्जिदों और महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों के बाहर सुरक्षा का कड़ा पहरा है, जो इस बात का संकेत है कि ईरान किसी भी बड़े हमले के लिए खुद को तैयार कर चुका है।
ईरानी विदेश मंत्री की अमेरिका को चुनौती: ‘हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं’
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका की सैन्य तैनाती को सिरे से खारिज करते हुए खुली चेतावनी दी है। अराघची का कहना है कि ईरान अमेरिकी सैन्य शक्ति से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि यदि अमेरिका ने एक भी मिसाइल दागी, तो ईरान की जवाबी कार्रवाई से पूरा मध्य पूर्व दहल जाएगा। ईरान का मुख्य लक्ष्य मध्य पूर्व में बने अमेरिकी सैन्य ठिकाने होंगे। अराघची के अनुसार, ईरानी सेना के जवानों की उंगलियां ट्रिगर पर हैं और वे केवल एक आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
नेतन्याहू का बाइबल के हवाले से आह्वान: ‘यह युद्ध का समय है’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस युद्ध को एक निर्णायक मोड़ के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने बाइबल के शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में शांति का एक समय होता है और युद्ध का भी, और मौजूदा हालात चीख-चीख कर कह रहे हैं कि यह युद्ध का समय है। नेतन्याहू ने अमेरिका से आग्रह किया है कि वह इजरायल को सैन्य सहायता प्रदान करे ताकि वे ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल खतरों को हमेशा के लिए शांत कर सकें। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि ईरान के परमाणु मंसूबों को रोकने के लिए अब कूटनीति का समय समाप्त हो चुका है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान: राष्ट्रपति ट्रंप लेंगे अंतिम फैसला
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के रुख को स्पष्ट किया है। वेंस ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत की ‘रेड लाइन’ कहाँ खींची जाए, इसका अंतिम निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप ही लेंगे। उन्होंने मस्कट में हुई वार्ताओं का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका वास्तव में एक ऐसा समझौता चाहता था जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो, लेकिन ईरानियों ने समझदारी नहीं दिखाई। अब स्थिति ऐसी है कि अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और अपने मित्र देश इजरायल की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।









