महाकाल दर्शन होंगे महंगे? लाइट एंड साउंड शो का टिकट ₹100, सभी सुविधाएं लेने पर खर्च ₹1050

उज्जैन  बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की जेब पर और बोझ बढ़ने वाला है। महाकाल मंदिर परिसर में चलने वाले प्रसिद्ध लाइट एंड साउंड शो को देखने के लिए अब श्रद्धालुओं को 100 रुपए प्रति व्यक्ति का शुल्क देना होगा।गौरतलब है कि करीब 7 महीने तक मुफ्त संचालन के बाद अब इस शो को पेड किया गया है। 18 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है शो इस शो का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 अक्टूबर 2025 को दीपावली के अवसर पर किया था। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश पर्यटन विकास

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Published On :

जून 14, 2026

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उज्जैन 

बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की जेब पर और बोझ बढ़ने वाला है। महाकाल मंदिर परिसर में चलने वाले प्रसिद्ध लाइट एंड साउंड शो को देखने के लिए अब श्रद्धालुओं को 100 रुपए प्रति व्यक्ति का शुल्क देना होगा।गौरतलब है कि करीब 7 महीने तक मुफ्त संचालन के बाद अब इस शो को पेड किया गया है।

18 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है शो
इस शो का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 अक्टूबर 2025 को दीपावली के अवसर पर किया था। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने इसे करीब 18 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से तैयार किया है।

करीब 25 मिनट के इस शो में वॉटर स्क्रीन, फाउंटेन, लेजर लाइट और बेहतरीन साउंड इफेक्ट्स के जरिए भगवान महाकाल, मां क्षिप्रा और प्राचीन अवंतिका नगरी (उज्जैन) की गौरव गाथा दिखाई जाती है।

शुल्क लगाने के पीछे मंदिर समिति का तर्क
मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस भव्य शो के संचालन और रखरखाव पर हर महीने करीब 1.5 लाख रुपए का खर्च आ रहा है। मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, इसी खर्च को पूरा करने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए 100 रुपए का एंट्री शुल्क रखने का फैसला लिया गया है।

हर माह 15 लाख रुपए कमाई का अनुमान
कमाई के लिहाज से देखें तो मंदिर समिति को इस फैसले से अच्छी आय होने की संभावना है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, रोजाना करीब 500 श्रद्धालु लाइट एंड साउंड शो देखने पहुंच रहे हैं। यदि प्रत्येक श्रद्धालु से 100 रुपए शुल्क लिया जाता है तो समिति को प्रतिदिन लगभग 50 हजार रुपए की आय होगी।

इस हिसाब से एक महीने में करीब 15 लाख और सालभर में लगभग 1.8 करोड़ रुपए का राजस्व मिल सकता है, जबकि शो के संचालन और रखरखाव पर हर महीने करीब डेढ़ लाख रुपए खर्च होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में यह व्यवस्था मंदिर समिति के लिए आय का एक नया स्रोत भी बन सकती है।

संध्या और शयन आरती के लिए भी लेते हैं 250 रुपए
यह पहली बार नहीं है जब महाकाल मंदिर में किसी सुविधा के लिए शुल्क बढ़ाया या लगाया गया हो। इससे पहले भी कई बदलाव हुए हैं। 19 फरवरी 2026 से संध्या आरती और शयन आरती के लिए भी 250 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जा रहा है, जबकि इससे पहले यह फ्री थी। वीआईपी या शीघ्र दर्शन के लिए पहले से ही शुल्क लिया जा रहा है।

श्रद्धालु बोले- बढ़ जाएगा आर्थिक बोझ
महाकाल मंदिर में रोज हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भस्म आरती में ही रोजाना करीब 1700 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन प्रवेश दिया जाता है। ऐसे में लाइट एंड साउंड शो पर शुल्क लगने के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का खर्च बढ़ जाएगा।

जहां एक तरफ मंदिर प्रशासन इसे मेंटेनेंस के लिए जरूरी बता रहा है, वहीं श्रद्धालुओं के एक वर्ग का कहना है कि धार्मिक परिसर में होने वाले इस शो को पहले की तरह ही मुफ्त रखा जाना चाहिए था, क्योंकि आरती और शो के शुल्कों से आम भक्तों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

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