Who was Prateek Yadav : सियासत से दूर क्यों रहे प्रतीक यादव? मुलायम के छोटे बेटे की अनसुनी कहानी

मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन हो गया। जहां पूरा परिवार राजनीति में था, वहीं प्रतीक ने रियल एस्टेट और फिटनेस वर्ल्ड में अपनी अलग पहचान बनाई। आखिर क्यों उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा और वह किन बड़े कारोबारों के मालिक थे? जानिए पूरी रिपोर्ट।

Who was Prateek Yadav

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 13, 2026

Who was Prateek Yadav : उत्तर प्रदेश की राजनीति और कद्दावर यादव परिवार से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का निधन हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल पहुँचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन की खबर ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों को स्तब्ध कर दिया है।

कौन थे प्रतीक यादव? मुलायम सिंह और साधना गुप्ता के पुत्र

प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। वे सपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे। प्रतीक का जन्म 7 जुलाई 1987 को हुआ था। गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी थीं, जिनसे अखिलेश यादव का जन्म हुआ। मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक रूप से साधना गुप्ता को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। प्रतीक हमेशा से ही पारिवारिक आयोजनों में सक्रिय दिखते थे, लेकिन सत्ता के शीर्ष पर होने के बावजूद उन्होंने खुद को विवादों और सक्रिय राजनीति से दूर रखा।

शिक्षा और शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लखनऊ से लंदन तक का सफर

प्रतीक यादव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के प्रतिष्ठित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) से प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकॉम (B.Com) के रूप में पूरी की। उच्च शिक्षा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रतीक विदेश चले गए और ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की। जहाँ एक तरफ उनके बड़े भाई अखिलेश यादव ने राजनीति को अपना करियर चुना, वहीं प्रतीक ने अपनी व्यावसायिक समझ को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया।

कारोबार और फिटनेस के प्रति जुनून: राजनीति से बनाई दूरी

प्रतीक यादव की पहचान एक सफल व्यवसायी और फिटनेस आइकन के तौर पर रही है। उन्होंने कभी भी चुनाव नहीं लड़ा और न ही पार्टी के किसी पद की लालसा की। वे मुख्य रूप से रियल एस्टेट के बड़े कारोबार से जुड़े थे। इसके अलावा, प्रतीक को लग्जरी कारों का काफी शौक था और उनके पास दुनिया की कई बेहतरीन गाड़ियों का कलेक्शन मौजूद था। वे अपनी फिटनेस को लेकर भी बेहद सजग थे और लखनऊ में अपना खुद का जिम ‘द फिटनेस प्लैनेट‘ संचालित करते थे। उन्होंने युवाओं के बीच बॉडी बिल्डिंग को बढ़ावा देने में काफी रुचि दिखाई थी।

अपर्णा यादव के साथ वैवाहिक जीवन और हालिया चर्चाएं

प्रतीक यादव का विवाह वर्ष 2012 में अपर्णा यादव से हुआ था। दोनों के बीच लंबे समय तक प्रेम संबंध रहे थे जिसके बाद उन्होंने विवाह का निर्णय लिया। जहाँ प्रतीक राजनीति से दूर रहे, वहीं अपर्णा यादव ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। अपर्णा ने 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और बाद में साल 2022 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर उनके रिश्तों और तलाक की अफवाहें उड़ी थीं, जिसे प्रतीक ने स्वयं सामने आकर सिरे से खारिज कर दिया था। प्रतीक का जाना यादव परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

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