White House : नेतन्याहू को पता है ‘बॉस कौन है’, ट्रंप के बयान से व्हाइट हाउस मुलाकात पर मचा बवाल

व्हाइट हाउस में संभावित मुलाकात से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान सुर्खियों में आ गया है। ट्रंप ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू 'जानते हैं बॉस कौन है'। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई। आखिर इस बयान के मायने क्या हैं और मुलाकात में किन मुद्दों पर बातचीत हो सकती है? पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 5, 2026

White House : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया बयानों से राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने जानकारी दी कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनसे व्हाइट हाउस में मुलाकात की इच्छा जताई है। अगले सप्ताह संभावित इस बैठक को लेकर ट्रंप ने बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा कि उनके और नेतन्याहू के बीच बेहद मजबूत संबंध हैं। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में यह भी जोड़ा कि ‘नेतन्याहू जानते हैं कि बॉस कौन है’, और इसके साथ ही उन्होंने अपनी ओर इशारा किया। यदि यह दौरा तय होता है, तो फरवरी में हुई पिछली मुलाकात के बाद यह दोनों नेताओं के बीच पहली आमने-सामने की वार्ता होगी। उस बैठक में नेतन्याहू ने कथित तौर पर ईरान के खिलाफ एक संयुक्त सैन्य अभियान की रूपरेखा पेश की थी।

मुलाकात का समय और राजनयिक उलझनें

ट्रंप का कहना है कि यह बैठक NATO शिखर सम्मेलन से उनकी वापसी के बाद अगले सप्ताह हो सकती है। हालांकि, इजराइली अधिकारियों का मानना है कि ट्रंप का व्यस्त कार्यक्रम, जिसमें 7-8 जुलाई को तुर्की का दौरा भी शामिल है, अगले सप्ताह की बैठक को मुश्किल बना सकता है। इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बात की पुष्टि की है कि नेतन्याहू ने स्वतंत्रता दिवस पर ट्रंप को बधाई दी थी और दोनों नेता जल्द मुलाकात पर सहमत हुए थे। यह प्रस्तावित बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब विभिन्न क्षेत्रीय नीतियों और युद्ध संबंधी रणनीतियों को लेकर ट्रंप और नेतन्याहू के बीच मतभेद बढ़ने की चर्चाएं तेज हैं।

तनावपूर्ण होते रिश्ते और रणनीतिक मतभेद

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ट्रंप के करीबी सलाहकारों और नेतन्याहू के बीच दूरियां बढ़ी हैं। सूत्रों का दावा है कि ट्रंप के कई सलाहकार नेतन्याहू की कार्यशैली को लेकर संशय में हैं। खबरें यह भी हैं कि फोन पर बातचीत के दौरान ट्रंप ने लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई की तीखी आलोचना की थी और नेतन्याहू पर कृतघ्नता का आरोप भी लगाया था। इजराइल की आपत्तियों के बावजूद, ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम और परमाणु वार्ता शुरू करने की पहल ने भी दोनों नेताओं के बीच तनातनी के संकेत दिए हैं।

ईरान नीति पर ट्रंप का कड़ा रुख

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार पर ट्रंप ने अपनी पैनी नजर बनाए रखने का दावा किया है। ट्रंप का मानना है कि ईरान अब बातचीत के लिए उत्सुक है और ‘डील’ करने के लिए बेताब है। हालांकि, उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि वे अभी कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करना चाहते क्योंकि वे चाहते हैं कि वार्ता के लिए ईरान में कोई जिम्मेदार पक्ष मौजूद रहे। उन्होंने खामेनेई के अंतिम संस्कार में जुटी भारी भीड़ को देखकर भी आश्चर्य जताया और टिप्पणी की कि वे लोग वास्तव में शोकाकुल हैं या यह सब दिखावा है, यह कहना मुश्किल है। कुल मिलाकर, ट्रंप की ईरान नीति और नेतन्याहू के साथ उनके संबंधों का भविष्य अब आने वाली बैठकों और क्षेत्रीय शांति वार्ता की सफलता पर निर्भर करेगा।

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