American Politics: व्हाइट हाउस में कोलंबस की 13 फीट ऊंची मूर्ति, क्यों मचा रहा विवाद?

व्हाइट हाउस में क्रिस्टोफर कोलंबस की नई 13 फीट ऊंची मूर्ति लगाने के बाद अमेरिका में इतिहास और संस्कृति को लेकर बहस फिर से गरम हो गई है। ट्रंप प्रशासन इसे सम्मान मान रहा है, जबकि आलोचक इसे मूल निवासियों और नस्लीय न्याय पर प्रतीक समझते हैं।

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मार्च 23, 2026

American Politics: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस परिसर में क्रिस्टोफर कोलंबस की एक नई मूर्ति स्थापित कर दी है। यह मूर्ति ईसेनहावर एक्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग के बाहर रखी गई है और यह 2020 में बाल्टीमोर से गिराई गई मूर्ति की कॉपी है। ट्रंप प्रशासन इसे केवल सांस्कृतिक पहल नहीं, बल्कि इतिहास का सम्मान और संदेश मान रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक पत्र में इटालियन-अमेरिकन संगठनों की सराहना की और कहा कि मूल प्रतिमा को ‘एंटी-अमेरिकन दंगाइयों’ ने गिरा दिया था। व्हाइट हाउस प्रवक्ता डेविस इंगले ने भी कहा कि इस प्रशासन में कोलंबस को हीरो माना जाता है और उन्हें उसी रूप में सम्मान दिया जाएगा।

US 250th Anniversary Coin: सोने के सिक्के पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर से छिड़ा महासंग्राम, क्या टूटेगा 160 साल पुराना कानून?

क्यों विवादित हैं क्रिस्टोफर कोलंबस?

क्रिस्टोफर कोलंबस अमेरिका में लंबे समय से विवादित ऐतिहासिक व्यक्तित्व रहे हैं। 12 अक्टूबर 1492 को उन्होंने पहली बार आज की अमेरिकी जमीन पर कदम रखा। यूरोपीय उपनिवेशवाद और मूल निवासियों पर अत्याचारों के प्रतीक के रूप में उन्हें देखा जाता है। उनकी यात्रा के बाद यूरोपियों ने अमेरिका में गुलामी और नरसंहार की शुरुआत की। इस मूर्ति की ऊंचाई करीब 13 फीट है और इसमें बाल्टीमोर हार्बर से निकाले गए मूल प्रतिमा के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। प्रशासन ने इसे आम जनता के लिए खुला नहीं रखा और चारों तरफ बैरिकेड्स लगाए हैं, जिससे संभावित विरोध का अंदेशा जाहिर होता है।

2020 में मूर्तियों को हटाने का इतिहास

2020 में मूर्तियों को हटाने का इतिहास
2020 में मूर्तियों को हटाने का इतिहास

2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत और उसके बाद अमेरिका में नस्लीय न्याय के लिए बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान देशभर में कोलंबस की कई मूर्तियां गिरा दी गई या हटाई गई थीं। बाल्टीमोर की यह मूर्ति भी उस दौर में समुद्र में फेंक दी गई थी। अब ट्रंप प्रशासन का इसे फिर से लगाना इतिहास और पहचान की बहस को फिर से जिंदा कर रहा है।

Air Canada Plane Accident: न्यूयॉर्क La Guardia एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा, एयर कनाडा प्लेन रनवे पर दुर्घटनाग्रस्त

इटालियन-अमेरिकन संगठनों की प्रतिक्रिया

इटालियन-अमेरिकन संगठनों का कहना है कि क्रिस्टोफर कोलंबस उनके सांस्कृतिक गर्व और पहचान का प्रतीक हैं। कोलंबस की विरासत ने दशकों तक लाखों प्रवासियों को एकजुट किया और उन्हें अमेरिकी समाज में अपनी जगह बनाने में मदद की।

बहस का केंद्र: इतिहास या पहचान?

इस कदम ने अमेरिका में इतिहास और पहचान के बीच टकराव को फिर से सामने ला दिया है। ट्रंप प्रशासन इसे इतिहास का सम्मान मान रहा है, जबकि आलोचक इसे मूल निवासियों और नस्लीय न्याय के खिलाफ प्रतीक मानते हैं। अब यह बहस जारी है कि क्या कोलंबस की विरासत को पूरी तरह से एक ही दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए या इसे बहुआयामी दृष्टिकोण से समझा जाए।

अमेरिका-इजराइल आक्रामक, ईरान रक्षात्मक– पूर्व राजनयिक का बड़ा बयान