WB Voter List 2026: पश्चिम बंगाल की नई वोटर लिस्ट जारी, भवानीपुर और नंदीग्राम से हजारों नाम कटे

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले चुनाव आयोग ने भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी वीआईपी सीटों पर मतदाता सूची में बड़ा फेरबदल किया है। भवानीपुर से करीब 44,000 और नंदीग्राम से भी हजारों नाम हटा दिए गए हैं। क्या ये डिलीशन आगामी चुनाव में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी की किस्मत बदल देंगे?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 28, 2026

WB Voter List 2026: एसआईआर (SIR) की लंबी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद, शनिवार 28 फरवरी को चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर फाइनल वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) प्रकाशित कर दी है। सुबह से ही विभिन्न चरणों में सूची जारी की जा रही है। हालांकि, आयोग ने मतदाताओं को अपना नाम ऑनलाइन चेक करने की सुविधा दी है, लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण चुनाव आयोग की वेबसाइट बार-बार क्रैश हो रही है, जिससे आम जनता को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आयोग द्वारा विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर फेज-वाइज डेटा सार्वजनिक किया जा रहा है, जिसमें राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

भवानीपुर का सियासी गणित: ममता बनर्जी के क्षेत्र से 47,111 नाम बाहर

राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में वोटर लिस्ट के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। चुनाव आयोग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से कुल 47,111 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। 2021 के आंकड़ों के अनुसार, यहाँ लगभग 2 लाख मतदाता थे। ड्राफ्ट लिस्ट के समय 44,787 नाम हटाए गए थे, लेकिन शनिवार को आई फाइनल लिस्ट में 2,324 अतिरिक्त नामों पर कैंची चली है। वर्तमान में इन नामों के आगे “डिलीटेड” (Deleted) शब्द अंकित किया गया है, जो कुल मतदाता संख्या का लगभग 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा है।

नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी को झटका: वोटर लिस्ट में बड़ी कटौती

विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्र नंदीग्राम में भी मतदाताओं की संख्या में भारी कमी देखी गई है। आयोग द्वारा जारी अंतिम सूची के अनुसार, नंदीग्राम से कुल 10,994 मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। शुरुआती ड्राफ्ट लिस्ट में 10,599 नाम बाहर किए गए थे, लेकिन फाइनल लिस्टिंग के दौरान 395 और नामों को निरस्त कर दिया गया। केवल नंदीग्राम ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्व मेदिनीपुर जिले में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। जिले में कुल 2,25,936 मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया है, जो राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

जांच के घेरे में हजारों मतदाता: एडिशनल लिस्ट की उम्मीद

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन नामों को हटाया गया है या जो अभी होल्ड पर हैं, उनमें जानकारी की विसंगतियां पाई गई थीं। भवानीपुर में लगभग 14,154 मतदाता अभी भी गहन जांच के दायरे में हैं। दस्तावेजों में त्रुटियों या सत्यापन की कमी के कारण उनके नाम ‘ट्रायल’ श्रेणी में रखे गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यदि ये मतदाता भविष्य में अपनी पहचान और निवास के पुख्ता सबूत पेश करते हैं, तो उनके नामों को ‘एडिशनल लिस्ट’ के माध्यम से दोबारा जोड़ा जा सकता है। यह प्रक्रिया चुनाव से पहले पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही है।

राजनीतिक हलचल और भविष्य की रणनीति

वोटर लिस्ट में हुए इस बड़े फेरबदल ने बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। भवानीपुर और नंदीग्राम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इतनी बड़ी संख्या में नामों का कटना चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस डेटा का विश्लेषण करने में जुट गए हैं। जहां एक तरफ आयोग इसे मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया बता रहा है, वहीं राजनीतिक दल अपने कार्यकर्ताओं को उन मतदाताओं की मदद करने के लिए सक्रिय कर रहे हैं जिनके नाम तकनीकी कारणों से कट गए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक रैलियों और बहसों का मुख्य केंद्र बन सकता है।

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