Assembly Election 2026 : पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए आज हो रहे मतदान में मतदाताओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के पहले चरण में मतदान का प्रतिशत 78.7% तक पहुंच गया है, जो राज्य में सत्ता के लिए चल रही तीव्र प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। वहीं, दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक साथ हो रहे चुनाव में अब तक 70% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है। भारी गर्मी और उमस के बावजूद, दोनों ही राज्यों में पोलिंग बूथों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण हैं।
बंगाल का पहला चरण: 152 सीटों पर दांव पर है दिग्गजों की प्रतिष्ठा
पश्चिम बंगाल में आज दो चरणों में से पहले चरण का मतदान हो रहा है, जिसमें 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इन सीटों पर कुल 1,478 उम्मीदवारों का चुनावी भविष्य दांव पर लगा है। उत्तर बंगाल से लेकर जंगलमहल तक फैले इस चुनावी क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद और कुछ अन्य इलाकों से छिटपुट हिंसा और झड़पों की खबरें भी सामने आई हैं। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है, जहां नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर भी आज ही जनता अपना फैसला ईवीएम में कैद कर रही है।
तमिलनाडु में एकतरफा मतदान: सभी 234 सीटों पर जनता चुन रही अपनी सरकार
तमिलनाडु में चुनावी प्रक्रिया एक ही चरण में पूरी की जा रही है, जहां कुल 234 सीटों के लिए मतदान जारी है। राज्य के 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाले ‘सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस’ (SPA) और एडप्पादी के. पलानीस्वामी की अगुवाई वाले ‘AIADMK-भाजपा गठबंधन’ के बीच फैसला करेंगे। 3 बजे तक के आंकड़ों में तिरुप्पुर जिला मतदान के मामले में सबसे आगे रहा है। चेन्नई जैसे शहरी केंद्रों में भी मतदान की गति संतोषजनक बनी हुई है। इस बार अभिनेता विजय की पार्टी ‘TVK’ के चुनावी मैदान में होने से मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है।
सुरक्षा और चुनौतियां: हिंसा की खबरों के बीच चुनाव आयोग की पैनी नजर
बंगाल में मतदान के दौरान सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। चुनाव आयोग ने पहले चरण के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 2,400 से अधिक कंपनियां तैनात की हैं। इसके बावजूद, मुर्शिदाबाद और पूर्व मेदिनीपुर जैसे संवेदनशील जिलों से तनाव की खबरें आई हैं, जिन पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए तत्काल रिपोर्ट मांगी है। तमिलनाडु में स्थिति तुलनात्मक रूप से शांतिपूर्ण बनी हुई है, हालांकि वहां भी धन-बल के प्रभाव को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त नाकेबंदी की है। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा, जिससे अंतिम आंकड़ों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
4 मई को आएंगे नतीजे: क्या बरकरार रहेंगे पुराने गढ़?
बंगाल के 152 और तमिलनाडु के 234 निर्वाचन क्षेत्रों में आज हो रहे इस महासंग्राम के परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। जहां पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं, वहीं भाजपा 2021 के अपने प्रदर्शन को और बेहतर कर राज्य में पहली बार सरकार बनाने का सपना देख रही है। तमिलनाडु में यह चुनाव डीएमके के ‘दक्षिण एशिया मॉडल’ बनाम एआईएडीएमके की वापसी के संकल्प के बीच है। 4 मई को आने वाले नतीजे न केवल राज्यों की दिशा तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के आगामी समीकरणों को भी प्रभावित करेंगे।









