Assembly Elections 2026: मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें, पीएम मोदी ने की रिकॉर्ड वोटिंग की अपील

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बंगाल के 152 और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर आज 5501 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। पीएम मोदी की विशेष अपील और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच करोड़ों मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 23, 2026

Assembly Elections 2026: आज भारत के दो राज्यों, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में राजनीतिक भविष्य की पटकथा लिखी जा रही है। विधानसभा चुनाव 2026 के इस महाकुंभ में करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच लोकतंत्र का यह उत्सव शुरू हो चुका है।

मतदान केंद्रों पर उमड़ा मतदाताओं का सैलाब

बताते चले कि, सूरज की पहली किरण के साथ ही दोनों राज्यों के पोलिंग बूथों पर वोटर्स का हुजूम दिखाई देने लगा। बंगाल के मैदानी इलाकों से लेकर तमिलनाडु के समुद्री तटों तक, हर आयु वर्ग के लोगों में वोट डालने का गजब का उत्साह है। विशेष रूप से प्रथम बार मतदान करने वाले युवा और चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्गों का जोश यह बता रहा है कि जनता अपनी सरकार चुनने के प्रति कितनी सजग है। प्रशासन ने चिलचिलाती धूप को देखते हुए केंद्रों पर विशेष प्रबंध किए हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया निर्बाध रूप से चलती रहे।

पीएम मोदी का डिजिटल आह्वान

आपको बता दे कि, जैसे ही वोटिंग शुरू हुई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के नाम एक विशेष संदेश साझा किया। उन्होंने लोकतांत्रिक कर्तव्य की पूर्ति हेतु मतदाताओं को प्रेरित करते हुए विशेष रूप से तमिल और हिंदी में अपनी बात रखी। पीएम ने तमिलनाडु की महिलाओं और युवाओं से आग्रह किया कि वे रिकॉर्ड संख्या में घरों से बाहर निकलें। प्रधानमंत्री के इस संदेश ने मतदाताओं के उत्साह को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे मतदान प्रतिशत में भारी उछाल आने की संभावना है।

बंगाल का चुनावी रण

पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मुकाबला अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां 152 विधानसभा क्षेत्रों में कड़ा चुनावी पहरा लगाया गया है। दार्जिलिंग के पहाड़ों से लेकर मेदिनीपुर के जंगलों तक, चुनाव आयोग ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। केंद्रीय बलों की 2407 कंपनियां जमीन पर तैनात हैं ताकि चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हों। मुर्शिदाबाद और मेदिनीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल जिलों की सीटों पर राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर बनी हुई है।

234 सीटों पर 4,023 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला

दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य में आज एक ही चरण में संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया संपन्न हो रही है। यहां करीब 5.73 करोड़ मतदाता अपने पसंदीदा नेता का चुनाव कर रहे हैं। इस बार का मुकाबला इसलिए भी रोचक है क्योंकि पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के बीच अभिनेता विजय की पार्टी ‘टीवीके’ ने भी चुनावी मैदान में उतरकर समीकरणों को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ईवीएम में आज 4,000 से अधिक उम्मीदवारों की राजनीतिक प्रतिष्ठा कैद हो रही है।

कोलकाता वॉर रूम से गृह मंत्री की पैनी नजर

चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद कोलकाता में स्थापित ‘वॉर रूम’ से निर्वाचन प्रक्रिया की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर करीब 3.60 करोड़ मतदाता वोट डाल रहे हैं, जिनमें महिलाओं की भागीदारी भी निर्णायक भूमिका में है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकना और एक भयमुक्त वातावरण में निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराना है।