Bengal SIR: बंगाल एसआईआर पर बढ़ा विवाद,ममता सरकार और चुनाव आयोग में टकराव

पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर ममता सरकार और चुनाव आयोग में टकराव चरम पर है। 58 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कटने, बुजुर्गों को हो रही परेशानी और घुसपैठ के आरोपों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। अभिषेक बनर्जी के बयान और पुरुलिया में एक बुजुर्ग की आत्महत्या के बाद अधिकारियों पर एफआईआर भी दर्ज की गई है।

Bengal SIR

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 3, 2026

Bengal SIR: पश्चिम बंगाल देश का एकमात्र राज्य है, जहां स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर ममता सरकार और चुनाव आयोग के बीच तल्खी लगातार बनी हुई है। एफआईआर, वोट चोरी और घुसपैठ के आरोपों के बीच अब बुजुर्गों, बीमारों और दिव्यांगों को हो रही परेशानी का मामला सामने आया है।SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव तेज हो गया है।बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुनवाई एफआईआर और राजनीति ने विवाद बढ़ा दिया है।

बंगाल SIR पर ममता सरकार और चुनाव आयोग में टकराव

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि,SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा रखना है, न कि किसी बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग या गर्भवती महिला को परेशान करना। 29 दिसंबर को बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे 85 वर्ष या उससे अधिक उम्र के मतदाताओं,बीमार लोगों,दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए न बुलाया जाए।यदि नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका हो,तो फोन के माध्यम से संपर्क कर उन्हें आने से रोका जाए और सत्यापन घर पर ही किया जाए।

घुसपैठियों को बचाने का प्रयास कर रही ममता सरकार-BJP

इसके बावजूद CEO कार्यालय को राज्य के कई जिलों से शिकायतें मिली हैं कि,इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।यहां तक गर्भवती महिलाओं को भी व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाए जाने के मामले सामने आए हैं।निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि,यदि होम विजिट की जानकारी नहीं दी गई तो संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा तृणमूल कांग्रेस पर हमलावर है।भाजपा का आरोप है ममता सरकार SIR का विरोध कर घुसपैठियों को बचाने का प्रयास कर रही है और यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

SIR को लेकर बंगाल में बढ़ा विवाद

SIR को लेकर विवाद पहले भी बढ़ चुका है।पिछले सप्ताह तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के विवादित बयान के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।पुरुलिया जिले के पाड़ा इलाके में एक बुजुर्ग की आत्महत्या की घटना को लेकर राष्ट्रीय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।

ड्राफ्ट मतदाता सूची में अबतक केवल 8 अपीलें दाखिल

पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) के प्रकाशन को 17 दिन बीत चुके हैं लेकिन राजनीतिक दलों की सक्रियता को लेकर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार,इस अवधि में अब तक केवल आठ अपीलें ही दाखिल की गई हैं।सबसे चौंकाने वाली बात है किसी भी अयोग्य व्यक्ति के नाम को लेकर अब तक एक भी आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है।