West Bengal Rail Projects: पश्चिम बंगाल को मिली बड़ी रेल सौगात, 102 अमृत भारत स्टेशन होंगे विकसित

पश्चिम बंगाल में रेलवे विकास को लेकर केंद्र सरकार ने 61 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिसमें 102 अमृत भारत स्टेशन, 538 फ्लाईओवर और बुलेट ट्रेन योजना शामिल है। क्या यह मेगा प्लान राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को पूरी तरह बदल देगा, यह बड़ा सवाल बन गया है।

पश्चिम बंगाल को मिली बड़ी रेल सौगात

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 7, 2026

West Bengal Rail Projects: पश्चिम बंगाल में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य को कुल 61 रेल परियोजनाओं की मंजूरी दी गई है, जिन पर तेजी से काम शुरू करने की योजना है। इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार, 5 जून को राज्य सचिवालय में एक अहम बैठक की, जिसमें राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक के बाद रेल मंत्री और राज्य नेतृत्व ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें राज्य में रेलवे विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।

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538 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने की घोषणा

रेल मंत्री ने जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल में रेलवे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 538 नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जाएंगे। इन संरचनाओं से न केवल रेल संचालन सुगम होगा, बल्कि सड़क यातायात भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगा। इसके साथ ही राज्य में रेलवे नेटवर्क के विस्तार को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अमृत भारत स्टेशन और मेट्रो विस्तार की योजना

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में 102 स्टेशनों को ‘अमृत भारत योजना’ के तहत आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है। इन स्टेशनों को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जाएगा। कोलकाता मेट्रो नेटवर्क को भी अगले पांच वर्षों में बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके तहत 60 नए मेट्रो रेक (ट्रेन सेट) शामिल किए जाएंगे, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

बुलेट ट्रेन और हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का प्रस्ताव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि एक महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम किया जा रहा है। यह ट्रेन दिल्ली से शुरू होकर लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी। इस हाई-स्पीड ट्रेन के माध्यम से दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा लगभग छह घंटे में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना पूर्वी भारत के लिए एक बड़ा परिवर्तन मानी जा रही है। इसके अलावा अगले पांच वर्षों में राज्य में 60 नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने की योजना भी तैयार की गई है।

बदलेगा रेलवे परिदृश्य

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में रेलवे विकास के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। इस बजट का उपयोग नई रेल परियोजनाओं, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और फ्रेट कॉरिडोर के विकास में किया जाएगा। डंकुनी को गुजरात के सूरत से जोड़ने के लिए एक विशेष पूर्व-पश्चिम डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी प्रस्तावित किया गया है, जिससे माल परिवहन अधिक तेज और कुशल होगा।

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‘डबल इंजन’ सरकार पर जोर

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आरोप लगाया कि पिछली राज्य सरकार के कार्यकाल में कई रेलवे परियोजनाओं में बाधाएं आईं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में प्रोजेक्ट्स को रोकने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लिया गया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि अब केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के चलते परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ेंगी।

वहीं राज्य नेतृत्व ने भी ‘डबल इंजन सरकार’ के मॉडल पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के सहयोग से विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भूमि अधिग्रहण और परियोजना कार्यान्वयन में रेलवे प्रशासन के साथ पूरा सहयोग किया जाए।