West Bengal politics: महुआ मोइत्रा ने शुभेंदु अधिकारी पर दिया बड़ा बयान, ममता बनर्जी से दूरी की अटकलें तेज

महुआ मोइत्रा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2016 में करीमपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर की थी, उस समय वे टीएमसी का हिस्सा थीं और शुभेंदु अधिकारी पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक के रूप में उनका मार्गदर्शन कर रहे थे।

West Bengal politics

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 24, 2026

West Bengal politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उठापटक का दौर जारी है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) फिलहाल अपने अस्तित्व को बचाने के लिए एक कठिन संघर्ष से गुजर रही है। राज्य के चुनावी नतीजों के बाद पार्टी में बगावत के सुर तेज हैं; जहाँ एक ओर पार्टी के विधायकों ने अपना अलग गुट बनाकर रितब्रता बनर्जी को अपना नेता चुन लिया है, वहीं दूसरी ओर काकोली घोष के नेतृत्व में 20 सांसदों का एक अलग धड़ा भी पार्टी से दूरी बना चुका है। इस राजनीतिक अस्थिरता के बीच ममता की करीबी मानी जाने वालीं कृष्णानगर की सांसद महुआ मोइत्रा का एक बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।

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कट्टर विरोधी और पुराना ‘भावनात्मक कनेक्शन’

महुआ मोइत्रा और शुभेंदु अधिकारी, जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाते हैं, उनके बीच के पुराने रिश्तों की एक नई कहानी सामने आई है। एक साक्षात्कार में महुआ ने न केवल शुभेंदु अधिकारी की सराहना की, बल्कि उन्हें अपना एक ‘अच्छा दोस्त’ भी बताया। महुआ के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है कि क्या वे टीएमसी का साथ छोड़ सकती हैं?

सांसद ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, “शुभेंदु मेरे बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं। जब हम एक ही पार्टी में थे, तब उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया था। जब मैं करीमपुर से अपना पहला चुनाव लड़ रही थी, तब शुभेंदु ही एकमात्र नेता थे जिन्होंने मेरे लिए प्रचार किया था।”

‘जब मैं रातभर रोई थी…’

महुआ ने 2014 के उस दौर का जिक्र किया जब उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा नहीं हो सका। उस रात को याद करते हुए महुआ भावुक हो गईं और कहा, “उस रात मैं बहुत रोई थी। उस समय शुभेंदु अधिकारी ने ही मेरा ढांढस बंधाया था। उन्होंने मुझसे कहा था— ‘नहीं बहन, परेशान मत हो, मैं हूं न।’ ये सभी भावनात्मक कनेक्शन होते हैं। आज हम अलग-अलग पार्टियों में हैं, अब हमारी बात नहीं होती, यह एक अलग विषय है, लेकिन वह साथ आज भी याद है।”

शुभेंदु अधिकारी का टीएमसी से बीजेपी तक का सफर

शुभेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद और कद्दावर नेताओं में से एक थे। हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। 2026 में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने प्रदेश की बागडोर संभाली और वे मुख्यमंत्री बने।

महुआ मोइत्रा ने 2016 में करीमपुर सीट से अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था, उस समय शुभेंदु नादिया जिले के टीएमसी पर्यवेक्षक (Observer) थे। इसके बाद 2019 और फिर 2024 के लोकसभा चुनावों में महुआ ने कृष्णानगर से जीत हासिल कर संसद तक का सफर तय किया।

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