West Bengal: CM शुभेंदु अधिकारी का बड़ा एलान, बंगाल के सरकारी पाठ्यक्रम में शामिल होंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एलान किया है कि अगले शैक्षणिक सत्र से राज्य के स्कूलों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का इतिहास पढ़ाया जाएगा।

West Bengal

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 6, 2026

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West Bengal: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद् और प्रखर राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के पावन अवसर पर एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में डॉ. मुखर्जी के जीवन चरित्र, उनके राष्ट्रवादी विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश की नई पीढ़ी को डॉ. मुखर्जी के विराट व्यक्तित्व और उनकी देशभक्ति की भावना से परिचित कराना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।

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मित्रा इंस्टीट्यूशन में दी श्रद्धांजलि, ‘नेशन फर्स्ट’ का दिया संदेश

इस ऐतिहासिक घोषणा से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कोलकाता के प्रसिद्ध ‘मित्रा इंस्टीट्यूशन’ पहुंचे, जहां उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि इसी प्रतिष्ठित विद्यालय से डॉ. मुखर्जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी। इस भावुक क्षण पर मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवाओं और विद्यार्थियों के भीतर ‘नेशन फर्स्ट’ यानी ‘देश सर्वोपरि’ की भावना को जागृत करना ही डॉ. मुखर्जी को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को लेकर डॉ. मुखर्जी का दृष्टिकोण जितना उनके समय में प्रासंगिक था, उतना ही आज भी है। पश्चिम बंगाल सरकार शिक्षा विभाग के साथ मिलकर बहुत जल्द पाठ्यक्रम में आवश्यक प्रशासनिक और शैक्षणिक संशोधन करेगी।

दूरदर्शी शिक्षाविद् के सम्मान में घोषणाएं और विद्यालय का विकास

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को केवल एक राजनेता के चश्मे से देखना उनके साथ अन्याय होगा; वे मूल रूप से एक दूरदर्शी शिक्षाविद् थे, जिन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को भारतीय मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया। वे मानते थे कि बेहतर शिक्षा और सुदृढ़ राष्ट्र निर्माण एक-दूसरे के पूरक हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को याद रखते हुए सीएम ने मित्रा इंस्टीट्यूशन के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को आधुनिक बनाने और विद्यालय के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सरकारी घोषणाएं भी कीं।

भाजपा मुख्यालय में आयोजन और डॉ. मुखर्जी का गौरवशाली इतिहास

डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में कोलकाता स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश मुख्यालय में भी एक भव्य और गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर देश के प्रति उनके समर्पण को याद किया। नेताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश की सांस्कृतिक पहचान और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

6 जुलाई 1901 को कोलकाता के एक संभ्रांत परिवार में जन्मे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी न केवल स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री बने, बल्कि उन्होंने आगे चलकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो वर्तमान भाजपा का वैचारिक आधार है। उनकी इस ऐतिहासिक जयंती पर पूरे पश्चिम बंगाल में विभिन्न सरकारी, सामाजिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों के जरिए उन्हें नमन किया गया।

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