West Bengal: दार्जिलिंग में बड़ा हादसा, तीस्ता नदी में समाई कार, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

सिक्किम से सिलीगुड़ी जा रहे एक ही परिवार के लिए दार्जिलिंग का एनएच 10 काल बन गया। भारी बारिश और भूस्खलन के बीच परिवार की कार अनियंत्रित होकर उफनती तीस्ता नदी में जा गिरी, जिससे 5 साल की मासूम बच्ची समेत परिवार के 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

West Bengal

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 7, 2026

West Bengal: सिक्किम और पश्चिम बंगाल की लाइफलाइन कहे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 10 (NH-10) से आज एक बेहद दर्दनाक और रूह कँपा देने वाली खबर सामने आई है। गंगटोक से सिलीगुड़ी की तरफ जा रहे एक ही परिवार के चार सदस्यों की कार तीस्ता नदी के उफनते पानी में समा गई। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद रविवार सुबह नदी के गहरे पानी में डूबी टाटा नेक्सॉन कार से चारों शवों को बाहर निकाल लिया गया है। इस खौफनाक हादसे में जान गंवाने वालों में एक मासूम बच्ची भी शामिल है। इस दर्दनाक खबर के सामने आने के बाद से पूरे सिक्किम और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में भारी मातम का माहौल है।

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अपनों से मिलने निकले थे चारों लोग

इस खौफनाक हादसे का शिकार हुए मृतकों की पहचान स्मारिका न्यौपाने (28 वर्ष), सैब्या न्यौपाने (27 वर्ष), जीका दहल (27 वर्ष) और महज़ पाँच साल की मासूम बच्ची दित्या छेत्री के रूप में हुई है। यह पूरा परिवार पूर्वी सिक्किम के काबी लुंगचोक (लिंगडोक) इलाके का रहने वाला था। मिली जानकारी के अनुसार, बीते 5 जून को यह परिवार सिलीगुड़ी के एक अस्पताल में भर्ती अपने बीमार रिश्तेदारों की तीमारदारी के लिए घर से निकला था। 5 जून की शाम दार्जिलिंग के राम्बी इलाके के पास इस परिवार से आखिरी बार फोन पर संपर्क हुआ था, जिसके बाद अचानक कार सवार चारों लोग लापता हो गए और परिजनों का संपर्क पूरी तरह टूट गया।

भूस्खलन के मलबे से मिला मौत की कार का सुराग

जब काफी समय तक परिवार का कुछ पता नहीं चला, तो 6 जून को पुलिस में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई। इसके तुरंत बाद एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), पश्चिम बंगाल पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की टीमों ने दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्टा और समाजसेवी विक्रम राय के सहयोग से एक बहुत बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान बाघपुल के पास, जो कि भूस्खलन प्रभावित इलाका है, सड़क पर बिखरे मलबे के बीच गायब हुई नेक्सॉन कार की बैटरी और उसका बंपर बरामद हुआ। इस अहम सुराग के मिलते ही बचाव दल ने अपनी खोज का दायरा सड़क से हटाकर सीधे तीस्ता नदी की गहरी और तेज धाराओं की तरफ बढ़ा दिया।

भारी बारिश और तेज बहाव के बीच चला रेस्क्यू

शनिवार की शाम को दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और तीस्ता नदी के तेज बहाव के बीच डूबी हुई कार का पता लगा लिया गया था। हालांकि, पहाड़ी रास्तों पर रात के अंधेरे और खराब मौसम की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। इसके बाद रविवार सुबह तड़के दोबारा जंग स्तर पर अभियान शुरू किया गया और क्रेन व गोताखोरों की मदद से कार को नदी से बाहर निकाला गया। जब कार का दरवाजा खोला गया, तो अंदर चारों शव बेसुध हालत में मिले। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों में हो रही लगातार भारी बारिश, अचानक हुआ भूस्खलन और एनएच-10 की जर्जर व खस्ताहाल स्थिति ही इस बड़े हादसे की मुख्य वजह बनी है।

पूरे सिक्किम में शोक की लहर

इस दर्दनाक हादसे ने पूरे सिक्किम राज्य को हिलाकर रख दिया है, क्योंकि मौत का शिकार हुए तीनों वयस्क सदस्य सरकारी विभागों में ऊंचे पदों पर कार्यरत थे। मृतकों में शामिल स्मारिका न्यौपाने एसटीएनएम (STNM) अस्पताल में नर्सिंग लेक्चरर के पद पर थीं, सैब्या न्यौपाने संस्कृति विभाग में जूनियर इंजीनियर (JE) के रूप में सेवाएं दे रही थीं, जबकि जीका दहल बागवानी विभाग में कार्यरत थीं। एक ही झटके में तीन होनहार सरकारी अधिकारियों और एक मासूम बच्ची की मौत से हर आंख नम है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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