West Bengal News : पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, राज्यभर में सरकारी जमीनों का होगा डिजिटल सर्वे

पश्चिम बंगाल में सरकारी जमीन को लेकर बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। GNSS तकनीक से जमीन की सटीक सीमाएं तय की जाएंगी और अतिक्रमण की स्थिति भी सामने आएगी। सरकार ने छह महीने में सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अब देखना होगा कि डिजिटल सर्वे के बाद कितनी जमीन का सच सामने आता है।

West Bengal News

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 3, 2026

West Bengal News : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यभर में सरकारी स्वामित्व वाली सभी जमीनों का विस्तृत सर्वे कराने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण की पहचान करना और कब्जाई गई जमीन को वापस लेना है। यह पूरी प्रक्रिया पश्चिम बंगाल भूमि अभिलेख और सर्वेक्षण निदेशालय के मार्गदर्शन में संचालित की जाएगी। यह निदेशालय सीधे राज्य के भूमि और भूमि राजस्व विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है।

अत्याधुनिक तकनीकों से होगी जमीनों की पैमाइश

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस सर्वे के माध्यम से सरकार की प्रत्येक संपत्ति की सटीक सीमाएं निर्धारित की जाएंगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कुल कितनी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा है और कितनी भूमि सुरक्षित है। सर्वे को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए आधुनिक ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

वर्षों से खाली पड़ी जमीनों पर हुआ है अवैध कब्जा

अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी रिकॉर्ड्स में राज्य सरकार के पास भारी मात्रा में जमीन दर्ज है, लेकिन वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं थी। कई विभागों की जमीनें वर्षों से खाली पड़ी थीं, जिन पर धीरे-धीरे व्यक्तिगत या संस्थागत स्तर पर अवैध कब्जे हो गए। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीनों की सुरक्षा के लिए उनकी सीमाओं पर स्थायी पिलर लगाए जाएंगे ताकि भविष्य में कब्जा न हो सके।

नई भूमि नीति और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना मुख्य लक्ष्य

राज्य सरकार एक नई भूमि नीति के जरिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। बड़े प्रोजेक्ट्स और उद्योगों की स्थापना के लिए विशाल भूखंडों की आवश्यकता होती है। इसी वजह से सरकार अतिक्रमण वाली सरकारी जमीनों की पहचान कर उन्हें वापस लेना चाहती है, ताकि औद्योगिक विकास के मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जा सके।

छह महीने के भीतर सर्वे प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य

पश्चिम बंगाल भूमि अभिलेख और सर्वेक्षण निदेशालय ने इस सर्वे के कार्य को किसी पेशेवर विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपने के लिए पहले ही रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल यानी टेंडर जारी कर दिया है। राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि सर्वे पूरा होने से प्रशासन के लिए जमीन की सही स्थिति और क्षेत्रफल तय करना आसान हो जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को अगले छह महीने के भीतर सफलतापूर्वक पूरा करने का कड़ा लक्ष्य रखा गया है।