West Bengal: बंगाल के बर्धमान में फैक्ट्री में धमाका, आग की लपटों में घिरी इमारत, कई मजदूर घायल

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान में स्पंज आयरन फैक्ट्री की भट्टी में हुए जोरदार धमाके के बाद भीषण आग लग गई। हादसे में कई मजदूर घायल हुए हैं, जबकि राहत और बचाव कार्य जारी है।

West Bengal

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 18, 2026

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West Bengal: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के जमुरिया औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक भीषण हादसा हुआ। जिले की एक स्पंज आयरन फैक्ट्री की भट्टी में हुए जोरदार धमाके ने इलाके में दहशत फैला दी। धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसपास के घरों में दरारें आ गईं। इस भयावह हादसे में कम से कम 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

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मलबे में फंसे होने की आशंका

धमाके के तुरंत बाद पूरी यूनिट में भीषण आग लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और युद्ध स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि हादसे के समय ड्यूटी पर तैनात 8 से 10 कर्मचारी अभी भी लापता हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर ही फंसे हो सकते हैं। पुलिस के अनुसार, भट्टी के पास तापमान इतना अधिक बढ़ गया है कि दमकलकर्मियों और बचाव दलों के लिए अंदर प्रवेश करना फिलहाल बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा है।

तापमान बन रहा है सबसे बड़ी बाधा

जमुरिया थाने के प्रभारी सौमेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि स्थिति अत्यंत संवेदनशील है। उन्होंने कहा, “धमाके के बाद भट्टी के आसपास का तापमान बहुत ज्यादा है। जब तक यह तापमान कम नहीं हो जाता और क्षेत्र को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक अंदर गहन तलाशी अभियान शुरू करना सुरक्षित नहीं है।” फिलहाल, पूरी प्राथमिकता फैक्ट्री को ठंडा करने और आग पर पूरी तरह काबू पाने की है।

फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप

इस हादसे के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। स्थानीय बीजेपी नेता दीप बंद्योपाध्याय ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रबंधन या सुरक्षा विभाग का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों को बेहद असुरक्षित और जानलेवा परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। उन्होंने हादसे की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

दूसरी ओर, स्थानीय विधायक बिजन मुखोपाध्याय ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुँचाने में मदद की। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायलों का उपचार जारी है, और प्रशासन का पूरा ध्यान फैक्ट्री के तापमान को नियंत्रित करने और लापता मजदूरों का पता लगाने पर केंद्रित है। जैसे ही आग बुझने के बाद स्थिति सामान्य होगी, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें सर्च ऑपरेशन चलाकर अंदर फंसी जिंदगियों को खोजने का प्रयास करेंगी।

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