West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए मतदान ने इस बार सबका खास ध्यान खींचा है। शुरुआती आंकड़ो के अनुसार, राज्य में 92 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई, जिसे काफी उच्च माना जा रहा है। इस रिकॉर्ड मतदान को लेकर देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने संतोष और खुशी व्यक्त की।
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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आया बयान
बताते चलें कि, यह टिप्पणी उस वक्त सामने आई जब सुप्रीम कोर्ट में 71 लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी। इन याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। उनका कहना है कि वे अब भी मतदान के योग्य हैं और उन्हें वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए। ये सभी मामले फिलहाल अपीलेट ट्रिब्यूनल में लंबित हैं, जहां इनकी समीक्षा की जा रही है।
CJI सूर्यकांत की लोकतंत्र पर टिप्पणी

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि एक नागरिक के रूप में उन्हें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि बड़ी संख्या में लोग मतदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिक मतदान लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है और यह एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए बेहद आवश्यक है। उनके इस बयान को अदालत में मौजूद अन्य न्यायाधीशों और वकीलों ने भी गंभीरता से लिया।
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ट्रिब्यूनल की भूमिका और वोटर लिस्ट विवाद
कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले को देखते हुए 19 अपीलेट ट्रिब्यूनल गठित किए हैं। इन ट्रिब्यूनलों की अध्यक्षता हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश कर रहे हैं। इन ट्रिब्यूनलों का मुख्य काम उन लोगों की अपील सुनना है जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। यह प्रक्रिया चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चुनाव प्रक्रिया और विवादों के बीच मतदान
जहां एक ओर मतदान का प्रतिशत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है, वहीं दूसरी ओर वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को लेकर विवाद भी सामने आया है। कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए अदालत का रुख किया है। इन सभी मुद्दों के बीच चुनाव प्रक्रिया जारी है और प्रशासन तथा न्यायिक व्यवस्था दोनों ही इसे सुचारू और निष्पक्ष बनाए रखने के प्रयास में लगे हुए हैं।









