West Bengal Election 2026: चुनाव से पहले ही ‘छावनी’ बनेगा बंगाल, 480 कंपनियां केंद्रीय बल तैनात; जानें क्या है सुरक्षा मास्टरप्लान

पश्चिम बंगाल में 2026 के चुनावी समर से पहले ही दिल्ली में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने पहली बार मतदान की तारीखों के ऐलान से पहले ही 480 कंपनियां तैनात करने का आदेश दिया है। आखिर 1 और 10 मार्च को होने वाली इस तैनाती के पीछे की असल वजह क्या है? क्या सुरक्षा एजेंसियां किसी बड़े खतरे की आशंका जता रही हैं?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 21, 2026

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज होते ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े कदम उठाए गए हैं। चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा से पहले ही केंद्र सरकार ने राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, 1 मार्च से राज्य में पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती शुरू होगी। कुल 480 कंपनियों को दो चरणों में भेजा जाएगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके। पहले चरण में 240 कंपनियां पहुंचेंगी, जबकि शेष 240 कंपनियां 10 मार्च को राज्य में तैनात की जाएंगी।

गृह मंत्रालय का निर्देश, वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया पत्र

गृह मंत्रालय की ओर से राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को एक औपचारिक पत्र भेजा गया है। इस पत्र में चुनाव के मद्देनजर केंद्रीय बलों की तैनाती का विस्तृत खाका साझा किया गया है। 20 फरवरी को हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 26 तारीख को प्रस्तावित चुनाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके तहत 1 मार्च को 240 कंपनियों की पहली खेप राज्य में पहुंचेगी। केंद्र ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य हैं।

पहले चरण में किन बलों की कितनी कंपनियां

पहले चरण में विभिन्न केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की अलग-अलग कंपनियां तैनात की जाएंगी। इसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 110 कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 55 कंपनियां, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की 21 कंपनियां, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 27 कंपनियां और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 27 कंपनियां शामिल हैं। इन बलों को राज्य के विभिन्न जिलों और संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा, ताकि चुनावी माहौल सुरक्षित बना रहे।

दूसरे चरण में अतिरिक्त बलों की तैनाती

दूसरे चरण में 10 मार्च को बाकी 240 कंपनियां पश्चिम बंगाल पहुंचेंगी। इस चरण में CRPF की 120 कंपनियां, BSF की 65 कंपनियां, CISF की 16 कंपनियां, ITBP की 20 कंपनियां और SSB की 19 कंपनियां तैनात रहेंगी। इन अतिरिक्त बलों का उद्देश्य उन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखना है, जिन्हें संवेदनशील या अति-संवेदनशील माना गया है। केंद्रीय बल मुख्य रूप से फ्लैग मार्च, एरिया डोमिनेशन और बूथों की सुरक्षा जैसे कार्यों में जुटे रहेंगे।

West Bengal Assembly Election: Central forces in Bengal from1 March

बूथ सुरक्षा, पेट्रोलिंग और ईवीएम की निगरानी

चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की भूमिका बेहद अहम होगी। वे अलग-अलग इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग करेंगे, ताकि मतदाताओं में सुरक्षा का विश्वास बना रहे। संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक कंपनी के 9 सेक्शन में से 8 सेक्शन बूथ सुरक्षा और गश्त के लिए तैनात होंगे, जबकि एक सेक्शन को ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ के रूप में तैयार रखा जाएगा। किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में यह टीम तुरंत कार्रवाई करेगी।

समन्वय और लॉजिस्टिक तैयारियों पर जोर

केंद्रीय बलों की तैनाती की पूरी योजना CRPF के पश्चिम बंगाल सेक्टर के आईजी संजय यादव को सौंपी गई है, जिन्हें चुनाव के लिए केंद्रीय बलों का समन्वयक नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार को जवानों के ठहरने, भोजन, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में बलों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक लॉजिस्टिक तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से पूरी हो सके।