Ravi Kishan News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुई बंपर वोटिंग ने राज्य की सियासी गर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है। इस रिकॉर्ड मतदान पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद और अभिनेता रवि किशन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता ने सालों के डर और अत्याचार के खिलाफ इस बार निर्णायक वोट किया है। रवि किशन के अनुसार, यह मतदान केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि बंगाल के अस्तित्व को बचाने की एक बड़ी जंग है।
रवि किशन का ममता सरकार पर हमला
बताते चले कि, चुनाव प्रचार के दौरान रवि किशन ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा और मां काली अब जाग चुकी हैं और इसकी लहर पूरे बंगाल की हवा में महसूस की जा रही है। बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि बंगाल में पिछले कई सालों से बम विस्फोट, रिश्वतखोरी, दंगे और गुंडागर्दी का बोलबाला रहा है। उनके अनुसार, बीजेपी कार्यकर्ताओं और यूपी-बिहार के मजदूरों की बर्बरतापूर्ण हत्या के खिलाफ जनता का यह आक्रोश और नफरत अब वोटिंग मशीन (EVM) पर दिखाई दे रही है।
पश्चिम बंगाल की जनसांख्यिकी पर चिंता
रवि किशन ने अपने संबोधन में बंगाल के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से बंगाल को डराकर भारत के बाकी हिस्सों से अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि यहाँ एक ‘अलग बांग्लादेश’ बनाया जा रहा था, जिसके कारण स्थानीय बंगालियों को अपना अस्तित्व खतरे में लगने लगा था। उनके मुताबिक, पहले चरण की यह ऐतिहासिक वोटिंग हर उस बंगाली और हिंदू की ओर से है जो अपने बंगाल और अपनी संस्कृति को बचाना चाहता है।
मोदी लहर और भाजपा की जीत का दावा
रवि किशन ने स्पष्ट किया कि भारी मतदान इस बात का प्रमाण है कि राज्य में मोदी लहर और बीजेपी की सुनामी चल रही है। इसी बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि 4 मई को नतीजे आने के बाद बीजेपी की सरकार बनेगी। सरमा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिन लोगों ने बीजेपी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं पर हमले किए हैं, उन्हें चुन-चुनकर जवाब दिया जाएगा। वहीं, बीजेपी नेता निसिथ प्रामाणिक ने भी मतदान को लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव बताते हुए बीजेपी की जीत का भरोसा जताया।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF का हाई अलर्ट
राज्य में 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि चुनाव आयोग (ECI) के निर्देशों के बाद भारत-बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिना बाड़ वाले हिस्सों पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि घुसपैठ और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाई जा सके। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी संवेदनशील इलाकों में सघन नाका चेकिंग की जा रही है।









